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661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के मामले में चंडीगढ़ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने शनिवार को जिला अदालत में चालान पेश किया। केस में 2 पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वधवा को इलाज के बाद जेल वापस ले जाने के बजाय होटल पहुंचाया। इनमें सब-इंस्पेक्टर जगमेहर, एएसआई सुरिंदर, विक्रम वधवा और उसके बेटे करण वधवा व कुणाल वधवा शामिल हैं। पुलिस जांच के अनुसार, विक्रम वधवा 661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के मामले में जेल में बंद था। जेल में तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद अदालत की अनुमति से उसे सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि उपचार के बाद उसे जेल वापस पहुंचाने के बजाय दोनों पुलिसकर्मी निजी वाहन से सेक्टर-17 स्थित होटल सिटी हार्ट ले गए। होटल में संभावित फरारी की योजना को लेकर चर्चा पुलिस के मुताबिक, विक्रम वधवा होटल में काफी देर तक रुका। इस दौरान उसके परिवार के सदस्यों समेत कुछ अन्य लोगों ने उससे मुलाकात की। जांच में होटल में उसकी संभावित फरारी की योजना को लेकर चर्चा होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों का अंतिम परीक्षण अदालत में होना है। मामले की जांच में पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि अस्पताल से उपचार के बाद जेल बंदी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस जेल क्यों नहीं पहुंचाया गया और उसे निजी वाहन से होटल तक कैसे ले जाया गया। होटल में हुई गतिविधियों और वहां वधवा से मिलने वाले लोगों से जुड़े तथ्यों की भी जांच की गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान दाखिल किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विक्रम वधवा मूल रूप से चंडीगढ़ और पंचकूला से जुड़े 661 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में आरोपी है और इसी मामले में न्यायिक हिरासत में था। अब होटल ले जाने से जुड़े केस में अदालत पुलिस की ओर से पेश किए गए चालान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 199, 261, 262, 62 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
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चंडीगढ़-कारोबारी वधवा केस में 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चालान:अस्पताल के बाद आरोपी को होटल ले गए; परिवार के सदस्यों से करवाई मुलाकात
