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पानी के लिए रोज संघर्ष:जूनियर महिला एशिया कप हॉकी में गोल्ड जीतने वाली टीम की पार्वती के घर न छत, न शौचालय




हॉकी चैंपियन पार्वती के गांव पहुंची डालसा, घर में सुविधाओं का अभाव देख करेगी मदद जूनियर महिला एशिया कप हॉकी में गोल्ड जीतने वाली टीम की खिलाड़ी पार्वती टोपनो का परिवार बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। गुमला के कामडारा स्थित कुम्हार टोली गांव निवासी पार्वती के पास घर नहीं है। शौचालय नहीं है। नल-जल योजना के तहत कनेक्शन है। पानी कभी आता है, कभी नहीं। पार्वती का परिवार रोज पानी के लिए संघर्ष करता है। शौचालय के संदर्भ में अखबार में खबर छपने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), गुमला ने संज्ञान लिया। झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने डालसा, गुमला को घर जाकर स्थिति की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। डालसा टीम ने कहा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। पेयजल व्यवस्था के लिए भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। ग्रामीणों ने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में किसी तरह पढ़ाई की। हॉकी में उसकी रुचि थी। स्कूल व जिला स्तर पर उसने कई मैचों में अपने दम पर टीम को जीत दिलाई। पिता सोमा टोपनो ने टीम को बताया कि पार्वती प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु रवाना हो चुकी है। जिला प्रशासन ने परिवार के लिए आवास स्वीकृत किया है। परिवार को राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड का लाभ भी मिल रहा है। पार्वती की मां जागो टोपनो को मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। पिता दिहाड़ी मजदूर, बेटी ने पाया अंतरराष्ट्रीय मुकाम एक बेहद साधारण और गरीब परिवार (पिता दिहाड़ी मजदूर) से आने वाली पार्वती ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल किया है। हाल ही में चीन के मोकी में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए गुमला डीसी द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया है। पार्वती टोपनो इंटर तक पढ़ी है। स्टीफेनी बालिका मध्य विद्यालय कामडारा में सातवीं क्लास तक पढ़ाई की। स्कूल में हॉकी खेलती थी। इसी क्रम में कामडारा स्थित डे बोर्डिंग में उसका चयन हुआ और वहीं पर उसकी प्रतिभा निखरी।



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