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अब सरकारी काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं:चंडीगढ़ में 556 सेवाएं तय समय में देना जरूरी; लापरवाही पर लगेगा जुर्माना




अब चंडीगढ़ में सरकारी काम के लिए लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत प्रशासन की ओर से अधिसूचित सरकारी सेवाएं तय समय सीमा में उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है। कमीशन की वेबसाइट पर फिलहाल 556 सेवाएं सूचीबद्ध हैं। आदेश आज से लागू हो गए है। इनमें नगर निगम, पुलिस, एस्टेट ऑफिस, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई विभागों की सेवाएं शामिल हैं। पंजाब के राज्यपाल और UT चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि इस चीज का लोगों को पूरा लाभ उठाना चाहिए। यदि कोई सरकारी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवा प्रदान नहीं करता है, तो उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए न केवल जुर्माना लगाया जा सकता है, बल्कि उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। अब पांच प्वाइंट में जानिए, क्या फायदा होगा लोगों का 1. कौन-कौन से काम तय समय में होंगे?
बिजली कनेक्शन, बिल से जुड़ी शिकायत, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, बिल्डिंग प्लान, जन्म-मृत्यु से जुड़ी सेवाएं, पुलिस और कई विभागों की दूसरी सेवाएं इस व्यवस्था में शामिल हैं। हर सेवा के सामने उसे पूरा करने की समय सीमा भी दी गई है। 2. कितने दिन में काम होगा, यह पहले से तय
हर अधिसूचित सेवा के लिए अलग समय सीमा तय है। उदाहरण के लिए बिजली के बिल की शिकायत के लिए 7 दिन, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए 30 दिन और बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए 40 दिन की समय सीमा निर्धारित है। 3. समय पर काम नहीं हुआ तो अपील कर सकेंगे
अगर संबंधित अधिकारी तय समय में सेवा नहीं देता या बिना उचित कारण आवेदन खारिज कर देता है, तो नागरिक पहले और दूसरे अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकते हैं। वहां से भी राहत नहीं मिलने पर राइट टू सर्विस कमीशन में अंतिम अपील या रिवीजन याचिका की जा सकती है। 4. अधिकारी की जिम्मेदारी तय
हर सेवा के लिए नामित अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी और द्वितीय अपीलीय अधिकारी तय किए गए हैं। यानी आवेदन कहां अटका है और शिकायत किस अधिकारी के पास करनी है, इसकी जानकारी पहले से उपलब्ध है। 5. लोगों को कहां मिलेगी जानकारी?
चंडीगढ़ राइट टू सर्विस कमीशन की वेबसाइट पर सभी अधिसूचित सेवाओं की सूची उपलब्ध है। इसमें सेवा का नाम, समय सीमा और संबंधित अधिकारियों की जानकारी दी गई है। उदाहरण से समझें जैसे बिजली बिल में शिकायत पर 7 दिन में कार्रवाई की समय सीमा। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट चाहिए: 30 दिन। बिल्डिंग प्लान मंजूर करवाना है: 40 दिन। नया बिजली कनेक्शन चाहिए: कनेक्शन के प्रकार और इलाके के अनुसार अलग-अलग समय सीमा तय है।



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