Headlines

Justice Ujjwal Bhuiyan Statement | Voting Rights Arbitrary Process


  • Hindi News
  • National
  • Justice Ujjwal Bhuiyan Statement | Voting Rights Arbitrary Process | Hyderabad

नई दिल्ली2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि लाखों भारतीयों को मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मनमानी है। ऐसी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था को नकारती है। कोई भी बहाना इसे सही नहीं ठहरा सकती।

जस्टिस भुइयां हैदराबाद में NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

जस्टिस भुइयां ने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों के दो वर्ग नहीं बनाता। एक वर्ग को वोट देने का अधिकार और दूसरे वर्ग को इससे वंचित रखने की व्यवस्था नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 और 14 का उल्लंघन होगी।

जस्टिस भुइयां ने कहा, “अगर कोई प्रक्रिया लाखों-लाख भारतीय नागरिकों को उनके ही देश में दूसरे दर्जे का नागरिक बना देती है, यानी उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित कर देती है, तो ऐसी प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से मनमानी है। कोई भी व्हाटअबाउटरी इसे सही नहीं ठहरा सकती।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसी प्रक्रिया संविधान की बुनियाद पर चोट करती है। मैं यहां तक कहूंगा कि यह भारतीय संविधान के तहत अपनाई गई संवैधानिक व्यवस्था को नकारने के बराबर है।”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *