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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की महिलाओं के लिए चलाई जा रही मावां-धियां सत्कार योजना को एक बड़ी सामाजिक क्रांति करार दिया है। सीएम ने कहा कि पंजाब की प्रत्येक मां और बहन इस योजना की असली ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में पूरा मान-सम्मान दिलाना है। अब तक इस योजना के तहत 75 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है और 3,824.87 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। मुलाकात के दौरान भावुक हुए सीएम मान, बुजुर्ग महिला से मिला आशीर्वाद इस योजना की सफलता के बीच एक बेहद भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई। आदमपुर की रहने वाली और योजना की लाभार्थी गुरमेल कौर उर्फ मेलो सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं। योजना शुरू होने के बाद से ही मेलो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में थीं। मुख्यमंत्री मान को देखते ही उन्होंने आगे बढ़कर उन्हें गले लगा लिया और अपना भरपूर आशीर्वाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी भावुक नजर आए। उन्होंने प्यार और सम्मान के प्रतीक के रूप में बुजुर्ग महिला को उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए लिखा, पूजनीय माता जी, आज आपको मिलकर मेरी आत्मा को सच्चा सुकून मिला है। वाहेगुरु आपके चेहरे पर यह मुस्कान हमेशा बनाए रखें। आपका बेटा हमेशा पंजाब की सेवा में डटा रहेगा।
एक करोड़ महिलाओं तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री मान ने कहा कि देश में यह अपनी तरह की पहली अनूठी योजना है, जिसके जरिए पात्र महिलाओं को लगातार आर्थिक सहायता दी जा रही है। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आती हैं। सरकार का आगामी लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को इस योजना के तहत कवर करना है। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने जानकारी दी कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसकी जानकारी लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर मैसेज के जरिए मिल रही है। कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित नहीं रहेगी मुख्यमंत्री मान ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जब तक वह पद पर हैं, तब तक किसी भी पात्र लाभार्थी महिला को इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता भले ही महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उनके आत्मसम्मान को जरूर मजबूत करेगी। लिंग समानता को बढ़ावा देने और आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। अंत में मुख्यमंत्री ने योजना को भारी सफलता दिलाने के लिए प्रदेश की सभी माताओं और बहनों का दिल से आभार व्यक्त किया।
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