Headlines

ड्रग तस्करी केस में मजीठिया से आज चंडीगढ़ में पूछताछ:SIT ने किया तलब, जगदीश भोला को बुलाया, 2013 का है मामला




पंजाब के 16 साल पुराने बहुचर्चित 6 हजार करोड़ रुपए के ड्रग्स तस्करी मामले में एक बार फिर पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच पर फोकस किया है। पांच अक्टूबर को आज शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को पूछताछ के लिए तलब किया है। पूछताछ चंडीगढ़ में की जानी है। इस मामले में बर्खास्त DSP जगदीश सिंह भोला को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों की माने तो एसआईटी दोनों को एक साथ बिठाकर सवाल जवाब कर सकती है। SIT की जांच में पुराने बयानों के साथ ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मामले की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। ऐसे शुरू हुआ था यह मामला यह मामला करीब 13 साल पुराना है। पंजाब पुलिस ने नवंबर 2013 में पूर्व पहलवान और तत्कालीन DSP जगदीश सिंह भोला को ड्रग्स रैकेट के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके घर से करीब 20 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद होने की बात सामने आई थी। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में इस ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का कथित कारोबार करीब 6 हजार करोड़ रुपए का बताया गया। 2014 में भोला ने लिया था मजीठिया का नाम जांच के दौरान 2014 में जब राज्य में अकाली दल भाजपा की सरकार थी। इस दौरान जगदीश भोला काे मोहाली की अदालत में केस की सुनवाई पर लाया गया था। इस दौरान उनसे अदालत के बाहर जगदीश भोला ने ड्रग्स रैकेट के संबंध में बिक्रम मजीठिया का पहली नाम लिया था। जिसे राज्य की राजनीति गरमा गई थी। इन सारे आरोपों की उस समय जांच भी हुई थी। हालांकि क्लीन चिट मिली थी। मजीठिया ने इन आरोपों को खारिज किया था। बाद में ED ने भी इस मामले में मजीठिया से पूछताछ की थी। 2021 में मजीठिया पर दर्ज हुई थी FIR 2017 में कांग्रेस की सरकार राज्य में बनी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने 20 दिसंबर 2021 को मजीठिया के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस की एंटी-ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की सिफारिश के बाद हुई थी। STF की रिपोर्ट में 2013 के ड्रग्स रैकेट से जुड़े आरोपियों के बयानों का भी हवाला था। मजीठिया ने मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। हालांकि बाद में उन्होंने सरेंडर किया। कोर्ट से परमिशन लेकर उन्होंने 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद वह जेल में गए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर वह बाहर आए। इसी रिपोर्ट के आधार पर 2025 में उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया। इस मामले में 2025 में मजीठिया के खिलाफ करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके अलावा इस मामले में अलग-अलग चरणों में SIT द्वारा उनसे पूछताछ भी की जा चुकी है।
हालिया जांच के बीच आया नया समन SIT का यह समन ऐसे समय आया है जब पंजाब में पुराने ड्रग्स मामलों से जुड़े मामलों की जांच फिर चर्चा में है। बर्खास्त AIG राजजीत सिंह हुंदल को भी हाल में एक नए NDPS मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। अकाली दल ने लगाया ‘समन पॉलिटिक्स’ का आरोप SIT के समन के बाद अकाली दल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने इसे ‘समन पॉलिटिक्स’ बताया। उनका आरोप है कि सरकार आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। ये आरोप अकाली दल की ओर से लगाए गए हैं। AAP ने आमने-सामने पूछताछ की मांग की वहीं, AAP के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि ड्रग्स मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने मजीठिया और जगदीश भोला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की मांग की, ताकि ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *