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The pandal will be built in the style of Hanuman Temple in Karnataka, where Goddess Durga will be seated in Bengali attire.



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मां दुर्गा के आगमन की आहट के साथ ही पूजा की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। शहरी से लेकर गांवों तक पूजा समितियां इस बार भी दुर्गोत्सव को यादगार बनाने की तैयारी में जुट गई हैं। कहीं भव्य पंडाल का निर्माण शुरू हो गया है तो कहीं आकर्षक विद्युत सज्जा और प्रतिमा को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। वहीं दुर्गा पूजा को लेकर समितियों के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दिन-रात कार्यकर्ता व कारीगर पंडाल को आकर्षक रूप देने में लगे हैं।

पूजा समितियों की ओर से केवल पंडाल और प्रतिमा ही नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पंडाल परिसर में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, पेयजल, प्रसाद वितरण और भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। समितियों के कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि दुर्गोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों की भी तैयारी की जा रही है। इधर पूजा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है और लोगों में उत्सव को लेकर उत्सुकता साफ नजर आ रही है।

इस क्रम में भास्कर प्रतिनिधि ने शहरी क्षेत्र के शास्त्री चौक दुर्गा पूजा समिति के द्वारा पूजा को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। वहीं पूजा समिति अपने अध्यक्ष रोहित साहू और सचिव अमर कुमार के नेतृत्व में भव्य पूजा के आयोजन को लेकर कमर कस ली है। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समिति पूजा के सफल आयोजन को लेकर अपने संरक्षकों और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठक कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति 1959 से लगातार पूजन का आयोजन कर रही है। समिति इस वर्ष कर्नाटक में स्थित हनुमान मंदिर का प्रारूप पंडाल बना रही है। पंडाल काफी भव्य और आकर्षक होगा। पंडाल की चौड़ाई 20 फीट और चौड़ाई 50 फीट होगी। साथ ही पंडाल में बंगाल से आए मूर्तिकार के द्वारा निर्मित आकर्षक और सुंदर बंग्ला साज से सजी मां की 15 फीट की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके अलावा पंडाल के आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। जिससे पूरा क्षेत्र रंगबिरंगे रौशनी से जगमगा उठेगा। उन्होंने बताया कि पूजा के दौरान पंडाल परिसर में पूजा के अलावा अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। वहीं समिति इस बात पर भी विशेष ध्यान रख रही है कि मां के दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इसे लेकर समिति के संरक्षक से लेकर कार्यकर्ता तक लगातार पंडाल परिसर में अपनी नजर बनाए रखेंगे।



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