बेगूसराय के बीहट रिफाइनरी रोड में सोमवार सुबह हड़कंप मच गया। हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) खाद कारखाने से जहरीली अमोनिया गैस का तीव्र गंध निकलना शुरू हो गया। गैस इतनी तीखी और जहरीली थी कि देखते ही देखते आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और ची
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स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9:40 बजे कारखाने से अचानक जहरीले गैस का तेज रिसाव शुरू हुआ। राह चलते करीब आधे दर्जन से अधिक पुरुष और महिलाएं गैस की चपेट में आकर सड़कों पर बेहोश होकर गिरने लगे। लोगों की आंखों में भीषण जलन होने लगी, उल्टी और दम घुटने की शिकायतें आने लगी।
दुर्गंध इतनी जानलेवा थी कि दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के शटर गिराकर जान बचाकर भाग खड़े हुए। सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। गैस रिसाव का सबसे घातक असर बरौनी स्थित यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी स्कूल पर पड़ा। स्कूल का समय होते ही पूरे कैंपस में गैस फैल गई।

गैस के रिसाव से सांस लेना मुश्किल हो रहा था।
2 घंटे तक महिला टीचर बेहोश रहीं
स्कूल की एक शिक्षिका गैस के जहरीले असर के कारण करीब 2 घंटे तक बेहोश पड़ी रहीं। आधा दर्जन से अधिक छोटे-छोटे बच्चे घुटन और चक्कर आने के कारण बेहोश हो गए और उल्टी करने लगे। शिक्षिका कुमारी उमा भारती और बच्चे आरुषि, पियूष, आदित्य का इलाज बरौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और निजी अस्पतालों में कराया गया।
‘कोई भी सुध लेने नहीं आया’
यूएमएस तेलशोधक कॉलोनी के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि करीब 9:30 बजे जैसे ही विद्यालय खुला। अचानक पूरे खेल के मैदान और परिसर में असहनीय जलन और घुटन महसूस होने लगी। बच्चे और शिक्षक सभी बदहवास हो गए। कई बच्चों को चक्कर आने लगे और उल्टी होने लगी। लगभग 45 मिनट तक स्थिति बेहद नाजुक बनी रही। बच्चे नाक पर रुमाल बांधकर बैठे रहे। हर्ल प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई सुध लेने नहीं आया।

गैस के चलते महिला टीचर हुई बेहोश।
कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों में हर्ल (HURL) प्रबंधन के रवैये को लेकर भारी आक्रोश है। आरोप है कि जब प्रबंधन को इस खतरनाक रिसाव की सूचना दी गई, तो उन्होंने स्थिति का जायजा लेने या मदद के लिए अपनी टीम भेजने के बजाय पल्ला झाड़ने की कोशिश की। प्रबंधन घटना की गंभीरता को छुपाने और मामले को दबाने में जुटा रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण ने बताया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कारखाने के पास कोई पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं दिखे। DM और उच्च अधिकारी तत्काल एक्शन लें। हर्ल कारखाने की सुरक्षा-व्यवस्था और गैस रिसाव की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्कूल कैंपस में पहुंचा एंबुलेंस।
प्रबंधन ने बताया अफवाह
इस संबंध में हर्ल प्रबंधन का कहना है कि प्लांट स्टार्टअप में है। फ्लेयर जलने से हल्का-हल्का दुर्गंध इसमें निकला हो सकता है। अमोनिया गैस के रिसाव जैसी कोई बात नहीं है। पूरी तरह से अफवाह और बेबुनियाद है।
