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Rahul Priyanka Protest | Akashvani Bhawan Delhi Police Plan Fail


3 घंटे पहले

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राहुल गांधी और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया। - Dainik Bhaskar

राहुल गांधी और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया।

SIR के विरोध में मंगलवार को विपक्ष चुनाव आयोग तक सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाल रहा था। पुलिस ने रास्ता रोका, बैरिकेड लगाए और नेताओं को बसों में बैठाकर प्रदर्शन खत्म कराने की तैयारी की। तभी तस्वीर बदल गई। राहुल-प्रियंका गांधी अचानक बस से उतरे गए और आकाशवाणी भवन के अंदर घुस गए।

दोनों परिसर के अंदर बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए और पुलिस के प्लान को फेल कर दिया। जो धरना कुछ घंटों में खत्म होने वाला था, वह शाम 8 बजे तक चला। पुलिस को कांग्रेसियों को हटाने में 8 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया।

संसद से जब मार्च शुरू हुआ तो राहुल 'ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो'का पोस्टर लेकर पहुंचे थे।

संसद से जब मार्च शुरू हुआ तो राहुल ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’का पोस्टर लेकर पहुंचे थे।

सिलसिलेवार पढ़िए राहुल-प्रियंका ने पुलिस का प्लान कैसे फेल किया?

  • 10:00 बजे: INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार के पास एकत्रित हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले समेत विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग ऑफिस की ओर बढ़े।
  • 11:05 बजे: मार्च कुछ ही दूरी आगे बढ़ पाया था। पुलिस ने नीति आयोग के पास बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया। विपक्षी सांसद आगे जाने की मांग करने लगे। यहां सड़क पर धरना और नारेबाजी करते रहे। रास्ता बंद होने के बाद विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगे।
  • 11:40–12:00 बजे: राहुल पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाना और नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाना शुरू कर दिया।
  • 12:04 बजे: अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस बसें नेताओं को लेकर जाने लगीं। इस समय ऐसा लग रहा था कि मार्च और प्रदर्शन दोनों खत्म हो रहे हैं।
राहुल पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराया

राहुल पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराया

12:20 बजे: राहुल ने अचानक प्लान बदला, किसी को नहीं थी जानकारी

यहीं से कहानी पलटी। प्रियंका पहले से पुलिस की बस में बैठी थीं। राहुल भी बस में जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने प्रियंका से बात की और अचानक आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट की तरफ बढ़ गए। उनके पीछे इमरान प्रतापगढ़ी, केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, कुमारी शैलजा भी पीछे-पीछे आ गईं।

गेट पर राहुल को गार्ड ने रोका तो वह भड़क गए और धक्का देकर अंदर घुस गए। इसके बाद वहीं बरगद के पेड़ के नीचे प्रियंका के साथ धरने पर बैठ गए। राहुल के इस एक्शन की जानकारी कांग्रेसी नेताओं को नहीं थी।

राहुल-प्रियंका बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए।

राहुल-प्रियंका बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गए।

पुलिस ने 3 से ज्यादा बार हटने की अपील, राहुल नहीं माने

पुलिस ने राहुल और प्रियंका से आकाशवाणी परिसर से हटने के लिए 3 से ज्यादा बार अपील की। दोपहर 12:30 बजे उनसे परिसर खाली करने को कहा।

राहुल ने जवाब दिया कि अगर उन्हें हटाना है, तो पहले यह बताया जाए कि वे विरोध करने के लिए कहां बैठ सकते हैं। करीब एक घंटे बाद फिर DCP सचिन शर्मा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहुल-प्रियंका समेत नेताओं को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए।

इस रणनीति के पीछे 2 बड़े संदेश

  • प्रदर्शन को खत्म होने से बचाया: अगर सभी नेता बसों में चले जाते, तो चुनाव आयोग तक का मार्च वहीं खत्म हो जाता। आकाशवाणी परिसर में बैठकर राहुल-प्रियंका ने प्रदर्शन को जारी रखा।
  • SIR के मुद्दे को EC बनाम विपक्ष की सीधी लड़ाई बनाना: विपक्ष की मांग सिर्फ SIR पर आपत्ति तक सीमित नहीं रही। राहुल-प्रियंका ने CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग को भी धरने का केंद्र बनाया। हालांकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल की ओर से औपचारिक मुलाकात का अनुरोध नहीं मिला था।

राहुल ने ऐसा ही सीक्रेट प्लान PM आवास पर प्रदर्शन के दौरान बनाया था

राहुल ने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरना दिया था। तब भी प्रदर्शन इतना सीक्रेट रखा था कि पुलिस को भनक नहीं लगी।

राहुल ने खड़गे के जन्मदिन के बहाने विपक्षी सांसदों और नेताओं को उनके घर बुलाया था। सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया को यही लगा कि नेता केवल खड़गे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए जुटे हैं। बाद में पैदल मार्च कर पीएम आवास के नजदीक पहुंच गए थे। पूरी खबर पढ़ें

विपक्ष का आरोप- ज्ञानेश कुमार ने गड़बड़ी की, भाजपा का साथ दिया

विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान वोटर लिस्ट में बदलाव और नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता नहीं बरती। विपक्ष ने आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म-6 को लेकर हुई सुनवाई का हवाला दिया। कांग्रेस का आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने भाजपा का साथ दिया और वोट चोरी कराई।

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राहुल-प्रियंका को दिल्ली पुलिस ने 2 घंटे बाद छोड़ा:8 घंटे धरने के बाद हिरासत में लिया था

दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को करीब 2 घंटे बाद छोड़ दिया है। मंगलवार रात 8 बजे आकाशवाणी भवन से हिरासत में लिए गए सभी 250 लोगों को किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन लाया गया था।

हालांकि रात 10 बजे सभी को छोड़ दिया गया। राहुल जब पुलिस लाइन से बाहर निकले तो उनके हाथ में संविधान की कॉपी थी।

SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसद 8 घंटे से ज्यादा समय से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। पढ़ें पूरी खबर

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