![]()
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव के नेतृत्व में हिंडाल्को कंपनी के डंपिंग यार्ड के विस्थापित मजदूरों ने हिंडाल्को कार्यालय के सामने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के माध्यम से मजदूरों ने हिंडाल्को प्रबंधन पर आरोप लगाया कि गत 9 सितंबर को विस्थापित मजदूरों की ओर से 9 सूत्री मांगें हिंडाल्को प्रबंधन को सौंपी गई थीं। प्रबंधन ने मजदूरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही थी। मांगें पूरी करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी मांग पूरी नहीं की गई। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि हिंडाल्को प्रबंधन अपनी पुरानी आदतों से बाज आए। अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि यदि एक माह के अंदर पूर्व में सौंपी गई 9 सूत्री मांगें हिंडाल्को प्रबंधन ने पूरी नहीं कीं तो रोपवे बंद कर दिया जाएगा। विस्थापित मजदूर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र के बॉक्साइट से मुरी और रेनूकोट जैसे शहर दिन-रात बिजली की चकाचौंध से चमक रहे हैं। लोहरदगा नगर के लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। कंपनी यहां के लोगों को सिर्फ मूर्ख बनाने का काम करती है। इसे अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रबंधन को हर परिस्थिति में रेलवे साइडिंग बॉक्साइट डंपिंग यार्ड के विस्थापित मजदूरों को रोजगार देना होगा। सीएसआर और डीएमएफटी फंड से क्षेत्र के विकास का कार्य भी हर हाल में करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी और बाहरी लोग यहां नौकरी कर मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर हाल में खनन क्षेत्र के जमीन मालिकों को 25 प्रतिशत हिस्सा देना होगा। बॉक्साइट खनन से बने गड्ढों को समतल करना होगा। भूमि मालिकों को जमीन वापस करनी होगी। मौके पर राजकुमार वर्मा, जगनंदन पौराणिक, रूपा उरांव, रंथी उरांव, सुभाष उरांव, बालेश्वर उरांव, दसमी उरांव, सुखराम उरांव, मनीष कुजूर, लीलामणि तिग्गा, फूल कुमारी, निर्मल उरांव, ननका, बृजमोहित उरांव, जयंती उरांव, शंकर प्रजापति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Source link
कंपनी के विस्थापित मजदूरों की मांगें नहीं मानने पर रोपवे बंद किया जाएगा : अनिल
