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मोगा में बीती सात अक्टूबर को दिनदहाड़े एक युवक को दुकान से उठाकर ले जाने और फिर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। युवक घंटों बाद गंभीर घायल हालत में मोगा जिले की एक सुनसान जगह से मिला। सिर और पीठ पर चोटों के बाद उसे पहले मोगा सिविल अस्पताल, फिर फरीदकोट और आखिर में एम्स बठिंडा रेफर किया गया। घायल युवक के भाई ने इस पूरी वारदात के पीछे संगरूर पुलिस में तैनात एक कर्मचारी और उसके साथियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। मामले की सबसे अहम कड़ी CCTV फुटेज भी सामने आई है। इसमें कुछ युवक दुकान के अंदर जाते और गुरप्रीत सिंह के साथ मारपीट करते हुए उसे जबरन बाहर ले जाते दिखाई देते है। अब पुलिस फुटेज और घायल युवक के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। बुग्गीपुरा चौक पर काम कर रहा था युवक, अचानक पहुंच गए युवक
गुरप्रीत सिंह मोगा में लकड़ी का मिस्त्री है। उसके भाई सिमरजीत सिंह के अनुसार गुरप्रीत बुग्गीपुरा चौक के पास एक दुकान पर काम कर रहा था। बीती 7 अक्टूबर की दोपहर के समय अचानक वह वहां से गायब हो गया। परिवार ने आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद थाना मेहना में उसके लापता होने की शिकायत दी गई। कुछ घंटे बाद गुरप्रीत घायल हालत में मिला। उसके सिर और पीठ पर गंभीर चोटें थीं। परिवार उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। हालत गंभीर देखते हुए उसे पहले फरीदकोट और फिर एम्स बठिंडा रेफर कर दिया गया। भाई का आरोप- पुलिसकर्मी ने साथियों संग उठाया
सिमरजीत सिंह का आरोप है कि गुरप्रीत ने परिवार को बताया कि संगरूर पुलिस में तैनात मोहित नाम के कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे बुग्गीपुरा चौक से जबरन उठाया। इसके बाद उसे किसी सुनसान जगह ले जाया गया, जहां उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि मारपीट इतनी ज्यादा थी कि गुरप्रीत अभी ठीक से बातचीत भी नहीं कर पा रहा है। वह घटना के बाद से डरा हुआ है। Instagram पर युवती से दोस्ती बनी विवाद की वजह? सिमरजीत के मुताबिक गुरप्रीत की Instagram के जरिए एक युवती से जान-पहचान हुई थी। परिवार का आरोप है कि इसी बात की जानकारी संबंधित पुलिसकर्मी को हुई और इसी रंजिश में गुरप्रीत को अगवा कर उसके साथ मारपीट की गई। चूकिं युवती उक्त आरोपी पुलिस कर्मी की नजदीकी रिश्तेदार थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि युवक को किसने और किस वजह से अगवा किया था। CCTV में मारपीट के बाद ले जाते दिखे युवक घटना से संबंधित CCTV फुटेज सामने आने का दावा किया गया है। फुटेज में बुग्गीपुरा चौक के पास दुकान में 5-6 युवक दाखिल होते दिखाई देते हैं। इसके बाद युवक गुरप्रीत के साथ मारपीट करते हैं और उसे जबरन अपने साथ ले जाते नजर आते हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिसकर्मी SSP की सुरक्षा में तैनात नहीं: संगरूर पुलिस परिवार ने दावा किया था कि आरोपी पुलिसकर्मी संगरूर SSP की सुरक्षा में तैनात है। इस संबंध में संगरूर SSP कार्यालय से संपर्क किया गया। कार्यालय में तैनात ASI सतनाम सिंह ने बताया कि जिस पुलिसकर्मी पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह SSP की सुरक्षा में तैनात नहीं है।
थाना मेहना के SHO परमिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस घायल युवक के बयान, CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों को जांच में शामिल कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि युवक के साथ हुई मारपीट और कथित अपहरण में कौन-कौन शामिल था। भाई बोला- मुख्यमंत्री से इंसाफ चाहिए
घायल गुरप्रीत के भाई सिमरजीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री से मामले में दखल देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसका कहना है कि यदि जांच में पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल गुरप्रीत एम्स बठिंडा में उपचाराधीन है।
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मोगा से युवक को अगवा कर बेरहमी से पीटा:घायल को एम्स बठिंडा में करवाया एडमिट; पुलिसकर्मी पर साथियों संग मारपीट का आरोप
