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ट्रांसजेंडर बिल पास होने के बाद जेंडर चेंज का क्रेज:पुरुषों में महिला बनने की होड़, ख्यात प्लास्टिक सर्जन डॉ. दिनेश कदम की बातचीत




ट्रांसजेंडर बिल पास होने के बाद जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (जेंडर चेंज) कराने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मंगलुरु में पहले सालभर में ऐसे एक-दो मामले आते थे, लेकिन अब यह संख्या करीब 30 तक पहुंच गई है। पहले यह ट्रेंड मुख्य रूप से अपर क्लास तक सीमित था, लेकिन पिछले एक साल में मिडिल, अपर और लोअर मिडिल क्लास के लोगों में भी इसकी मांग देखने को मिल रही है। करीब 90% मामलों में पुरुष से महिला और 10% मामलों में महिला से पुरुष बनने की सर्जरी हो रही है। यह जानकारी मंगलुरु से आए एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया (एपीएसआई) के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. दिनेश कदम ने भास्कर से विशेष बातचीत में दी। सालाना औसतन 30 मामले आ रहे, पूरी प्रक्रिया में 4 से 5 लाख रुपए खर्च डॉ. कदम ने बताया कि जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी जटिल प्रक्रिया है और इसे कई चरणों में किया जाता है। मंगलूर में पहले सालभर में एक-दो मरीज आते थे, अब करीब 30 मामले सालाना हो रहे हैं। इनमें 90% पुरुष से महिला और 10% महिला से पुरुष बनने के मामले हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। निजी अस्पतालों में पूरी प्रक्रिया कराने पर औसतन 4 से 5 लाख रुपए तक खर्च आता है। बिहार और झारखंड के भी लोग जेंडर चेंज करवाने के लिए मंगलुरू पहुंच रहे हैं। आयुष्मान में अलग कोड नहीं, कवरेज बढ़ाने की मांग: डॉ. कदम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में प्लास्टिक सर्जरी के लिए अलग और पर्याप्त कवरेज की जरूरत है। इस मुद्दे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई है। डॉ. कदम लंबे समय से आयुष्मान भारत में प्लास्टिक सर्जरी के पैकेज और कोड से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। कैंसर सर्जरी के बाद प्रभावित हिस्से के पुनर्निर्माण में भी अहम : डॉ. कदम ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी के तहत माइक्रोवस्कुलर सर्जरी में शरीर के एक हिस्से से टिश्यू लेकर दूसरे हिस्से में स्थापित किया जाता है। दुर्घटना में अंग कट जाने पर नस और रक्त वाहिकाओं को जोड़कर अंग बचाने की कोशिश की जाती है। गंभीर चोट, अंग कटने, जलने, जन्मजात विकृति और कैंसर सर्जरी के बाद प्रभावित हिस्से के पुनर्निर्माण में भी प्लास्टिक सर्जरी की अहम भूमिका है।
जीवन बचाने से लेकर खूबसूरती निखारने तक भूमिका: डॉ. कदम ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी को आमतौर पर खूबसूरती बढ़ाने वाली सर्जरी माना जाता है, जबकि इसका दायरा इससे कहीं बड़ा है। जीवन रक्षा से लेकर खूबसूरती निखारने तक के लिए मौजूदा समय में प्लास्टिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। डॉ. कदम गुरुवार को गोलमुरी क्लब में आयोजित ईस्ट जोन प्लास्टिक सर्जन कॉन्फ्रेंस में शामिल होने जमशेदपुर पहुंचे हैं। वे जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के क्षेत्र में करीब 17 वर्षों से काम कर रहे हैं और अब तक 35 हजार से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं कर चुके हैं।



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