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राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के जिला मुख्यालय की ओर से आयोजित जिला स्तरीय प्रकृति अध्ययन शिविर के तहत शुक्रवार को हनुमानगढ़ की पुरानी कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित मियावाकी जंगल का भ्रमण कराया गया। इसमें 22 स्कूलों के 170 बच्चों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने जंगल में विभिन्न प्रकार के पौधों और वनस्पतियों को देखा तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोग, विशेषताओं और औषधीय महत्व के बारे में जानकारी हासिल की। इस गतिविधि के जरिए बच्चों ने प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण को करीब से समझा। औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की मिली जानकारी जंगल भ्रमण के दौरान बच्चों को विभिन्न पौधों की खासियतों, उनके उपयोग और औषधीय पौधों के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों ने वनस्पतियों को देखकर उनके महत्व को समझा। शिविर का उद्देश्य बच्चों को किताबी जानकारी से आगे बढ़कर प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण के प्रति उनकी समझ विकसित करना है। 10 अक्टूबर तक चल रहे दो शिविर सीओ स्काउट भारतभूषण ने बताया कि 6 से 10 अक्टूबर तक दो शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति के महत्व से परिचित कराना है। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें। 500 स्कूलों में चल रहे ईको क्लब गांव मोहनमगरिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक धनराज लोहिया ने बताया कि जिले के करीब 500 स्कूलों में ईको क्लब संचालित हो रहे हैं। इन क्लबों से जुड़े बच्चे प्रकृति अध्ययन शिविर में भाग ले रहे हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझने का अवसर मिल रहा है।
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हनुमानगढ़ में बच्चों ने मियावाकी जंगल का भ्रमण किया:पौधों की विशेषताओं, औषधीय जड़ी-बूटियों और उपयोग की जानकारी ली
