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चंबल मुख्य दाहिनी नहर (आरएमसी) में पानी छोड़ने और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 12 से 3 बजे तक चले प्रदर्शन में किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार, 10 अक्टूबर से चक्का जाम किया जाएगा। धान की सिंचाई और सरसों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला ने कहा कि धान की फसल पकने की अंतिम अवस्था में है, लेकिन नहर में पानी नहीं आने से सिंचाई का संकट बना हुआ है। उनके अनुसार, समय पर पानी नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। वहीं, रबी सीजन में सरसों की बुवाई के लिए खेतों में पलेवा करने में भी देरी हो रही है। किसानों ने नहर में तत्काल पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की। डीएपी-यूरिया की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग किसानों ने डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने खाद के साथ अन्य सामान खरीदने की अनिवार्यता यानी अटैचमेंट व्यवस्था बंद करने की बात कही। साथ ही खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने तथा वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। 10 घंटे बिजली देने की मांग धरना-प्रदर्शन के दौरान एसडीएम बीएस श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य सहित जल संसाधन विभाग और खाद वितरण से जुड़े अधिकारियों ने किसानों से चर्चा की। इस दौरान किसानों ने नहर में पानी छोड़ने, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, अटैचमेंट व्यवस्था बंद करने और कालाबाजारी रोकने की मांग दोहराई। उन्होंने कृषि कार्य के लिए प्रतिदिन 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। किसानों ने कहा कि मांगों पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे शनिवार से चक्का जाम आंदोलन शुरू करेंगे।
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नहर के पानी और खाद के लिए किसानों का प्रदर्शन:10 घंटे बिजली सप्लाई की मांग; कलेक्ट्रेट पर 3 घंटे धरना, चक्का जाम की चेतावनी
