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कवर्धा में किसान आंदोलन का दूसरे दिन भी जारी:चक्काजाम से रायपुर-जबलपुर NH-30 पर फंसे वाहन, रास्ता बंद होने से कई किमी पैदल चले यात्री




छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में किसानों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान अपनी 23 मांगों को लेकर ‘बलराम किसान न्याय यात्रा’ के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने कवर्धा में आने-जाने वाले चक्काजाम कर प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया है। इसके चलते रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 समेत कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रास्ते बंद होने से यात्री, छात्र-छात्राएं, सरकारी कर्मचारी और आम लोग को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे उन्हें कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। 8 अक्टूबर को जिलेभर से किसान ट्रैक्टर लेकर जिला मुख्यालय कवर्धा पहुंचे थे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शहर के प्रमुख रास्तों पर चक्काजाम कर दिया। आंदोलन के कारण कवर्धा-राजनांदगांव और कवर्धा-बिलासपुर मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पहले देखिए तस्वीरें मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भारतीय किसान संघ ने किसानों की 23 मांगों को लेकर शासन के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं देती है, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा। इसके लिए किसान पूरी तैयारी के साथ फिर कवर्धा पहुंचेंगे। गन्ने पर 150 रुपए बोनस और धान के दाम बढ़ाने की मांग किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने पर 150 रुपए बोनस देना शामिल है। इसके अलावा गन्ने और सभी बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने की मांग की गई है। किसान चाहते हैं कि इन फसलों के लिए भी हर साल प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाए। किसानों ने धान के समर्थन मूल्य में पिछले तीन साल में हुई बढ़ोतरी को 3100 रुपए में जोड़कर देने और पिछली सरकार के कार्यकाल में लंबित धान की चौथी किस्त की राशि जल्द जारी करने की मांग भी की है। कारखानों की क्षमता बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था सुधारने की मांग किसानों ने जिले के दोनों कारखानों की क्षमता बढ़ाने, घूमंतू गौवंश के पुनर्वास और सभी धान खरीदी समितियों में धान का वजन 40.700 किलो रखने की मांग की है। सिंचाई व्यवस्था को लेकर सुतियापाठ जलाशय की नहरों का विस्तार, पिलारी और घोघरा नहर का निर्माण व विस्तार, नेवारी व्यपवर्तन परियोजना को खपरी तक बढ़ाने की मंजूरी और करिया आमा बांध का जल्द निर्माण कराने की मांग उठाई गई है। गन्ना किसानों के भुगतान और फसल बीमा की मांग किसानों ने गन्ने का भुगतान जल्द कराने के लिए मंडी बोर्ड से रिवॉल्विंग फंड देने और गन्ने की फसल के लिए बीमा योजना शुरू करने की मांग भी रखी है। करीब 25 निजी स्कूलों में छुट्टी किसानों के आंदोलन को देखते हुए कवर्धा शहर के आसपास के करीब 25 निजी स्कूलों ने गुरुवार और शुक्रवार को छुट्टी घोषित कर दी थी। चक्काजाम के कारण यात्रियों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में छुट्टी, यात्रियों को हुई परेशानी किसानों के आंदोलन को देखते हुए कवर्धा शहर के आसपास के करीब 25 निजी स्कूलों ने गुरुवार और शुक्रवार को छुट्टी घोषित कर दी थी। वहीं, रास्ता बंद होने के कारण दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके चलते यात्रियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। मधुरा से आ रहे एक यात्री ने कहा कि आंदोलन के नाम पर यात्रियों को रोकना गलत है। चक्काजाम की वजह से उन्हें भी करीब 3 किलोमीटर तक पैदल चलकर जाना पड़ा।



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