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इटखोरी आजादी के 79 साल बाद भी पीतीज पंचायत बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। सड़क, पंचायत भवन, शिक्षा, पुराने डाक बंगले के जीर्णोद्धार जैसी जरूरतें आज भी विकास की राह देख रही हैं। बरसात में सबसे अधिक परेशानी पारगढ़ा गांव के ग्रामीणों को होती है। गुल्ली से यादव टोला होते हुए पारगढ़ा जाने वाला करीब 1000 फीट पीसीसी पथ बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क के किनारे नदी होने के कारण ग्रामीणों ने गार्डवॉल निर्माण की मांग की है। विवाह मंडप में चल रहा पंचायत कार्यालय पीतीज पंचायत का अपना पंचायत भवन नहीं है। फिलहाल विवाह मंडप के लिए बने भवन में पंचायत कार्यालय संचालित हो रहा है। भवन की स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन बनने से सरकारी कामकाज में सुविधा होगी। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान भी आसान होगा। एक स्कूल में तीन प्रखंडों के विद्यार्थी पीतीज में एकमात्र सरकारी प्लस टू हाई स्कूल है। यहां इटखोरी के अलावा गिद्धौर, कान्हाचट्टी प्रखंडों के विद्यार्थी भी पढ़ाई करते हैं। विद्यार्थियों की बड़ी संख्या के कारण स्कूल पर अतिरिक्त दबाव रहता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बताई है। वन विभाग की जमीन बनी सड़क में अड़चन पारगढ़ा रोड का करीब 1000 फीट हिस्सा वन विभाग की जमीन से गुजरता है। एनओसी नहीं मिलने के कारण इस हिस्से में सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। यहां करीब 15 घर हैं। सड़क नहीं बनने से इन परिवारों को आवागमन में परेशानी होती है। अंग्रेजों के जमाने का डाक बंगला बदहाल पीतीज बांग्ला चौक स्थित अंग्रेजों के समय का पुराना डाक बंगला भी जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, कभी यहां अधिकारियों और मंत्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहती थी। इसके जीर्णोद्धार से पंचायत में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गतिविधियां भी बढ़ेंगी। ^पंचायत भवन बनने से ग्रामीणों को काफी सुविधा होगी। पारगढ़ा रोड का निर्माण, नदी किनारे गार्डवाल बनने से आवागमन की समस्या दूर होगी।^ -रामदेव यादव , मुखिया।
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आजादी के 79 साल बाद भी पंचायत में सड़क-पानी, भवन और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी
