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अकाली दल वारिस पंजाब ने थॉट और एजेंडा कमेटी बनाई:इकबाल सिंह झूंडा चेयरमैन, बलदीप सिंह कन्वीनर; पंजाब के मुद्दों पर देगी सुझाव




अकाली दल वारिस पंजाब ने पार्टी की भावी नीतियों, पंजाब हितैषी एजेंडे और पंथिक मुद्दों को प्रशासनिक-व्यावहारिक रूप देने के लिए अपनी उच्च स्तरीय ‘थॉट और एजेंडा कमेटी’ का ऐलान कर दिया है। इस नवनिर्मित कमेटी का चेयरमैन पूर्व विधायक इकबाल सिंह झूंडा को नियुक्त किया गया है, जबकि सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ बलदीप सिंह को कन्वीनर बनाया गया है। पार्टी नेतृत्व ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों, कानूनविदों, पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इस थिंक-टैंक कमेटी में शामिल किया है। यह विशेष कमेटी पंजाब के गंभीर और बुनियादी मुद्दों पर शोध कर उनके स्थायी समाधान के लिए नीतियां और रूपरेखा तैयार करेगी। किसको मिली जिम्मेदारी चेयरमैन: इकबाल सिंह झूंडा कन्वीनर: बलदीप सिंह (रिटायर्ड रेवेन्यू ऑफिसर व आर्थिक विशेषज्ञ) सेक्रेटरी-मेंबर: गंगवीर राठौर (सामाजिक व राजनीतिक विश्लेषक)
मुख्य सदस्य: डॉ. सुखप्रीत सिंह लोखंडे (सिख विद्वान) जसविंदर सिंह जहांगीर (पूर्व शिक्षक) प्रो. गुरमीत सिंह धनोआ गुरप्रीत सिंह मंडियानी (पत्रकार) अरविंदर पाल सिंह (रिटायर्ड एडीसी) डॉ. दीपेश बत्रा (न्यूरोसर्जन) सरदार करमजीत सिंह (वरिष्ठ पत्रकार) एडवोकेट सरबजीत सिंह बलविंदर सिंह (रिटायर्ड इंजीनियर) बीबी हरप्रीत कौर फिल्लौर (महिला विंग प्रमुख) एडवोकेट गुरदीप सिंह हरप्रीत सिंह बाबा बेली (युवा साहित्यकार) पंजाब के मुख्य मुद्दों का तलाशा जाएगा व्यावहारिक समाधान जल और प्राकृतिक संसाधन: पंजाब के पानी के अधिकारों (SYL व नदी जल विवाद) की रक्षा। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसानों व खेत मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कृषि को व्यावहारिक बनाने के उपाय। युवा, रोजगार और कर्मचारी: युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, पलायन रोकना और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मुद्दे। महिला अधिकार व सामाजिक न्याय: महिलाओं से जुड़े मुद्दों और समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना। पंथक और भाषाई पहचान: पंजाब की संस्कृति, पंजाबी भाषा और पंथिक मसलों पर स्पष्ट नीति निर्धारण। पार्टी की भावी नीतियों का आधार बनेगी रिपोर्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि यह कमेटी केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर जाकर हितधारकों से बात करेगी। इसके बाद तैयार किए गए सुझावों और रिपोर्ट के आधार पर ही अकाली दल वारिस पंजाब अपना आगामी चुनावी घोषणापत्र, प्रशासनिक विजन और राजनीतिक नीतियां तय करेगा, ताकि पंजाबियों के वास्तविक हितों का मजबूती से प्रतिनिधित्व किया जा सके।



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