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खंडवा के खालवा क्षेत्र के ग्राम मलगांव में पत्नी से बातचीत करने के संदेह में एक युवक की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। युवक राम मंदिर में भागवत कथा में ढोलक बजाकर घर लौट रहा था, तभी आरोपियों ने उसे रास्ते में घेर लिया। उसे रस्सी से बांधकर घसीटा और चमड़े की बेल्ट व बांस के डंडों से बुरी तरह पीटा। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायालय हरसूद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुष्पक पाठक ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने तिरन उईके (40) और धर्मेन्द्र भल्लावी (32) को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक रविंद्र पंवार ने पैरवी की। भागवत कथा में ढोलक बजाई, लौटते समय घेर लिया
घटना 4 और 5 अगस्त 2025 की दरमियानी रात की है। खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव निवासी देवीराम अपने पिता कालू के साथ गांव के राम मंदिर में आयोजित भागवत कथा में शामिल होने गया था। कथा के दौरान देवीराम ने ढोलक बजाई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसके पिता घर लौटकर सो गए, जबकि देवीराम कुछ देर तक मंदिर में ही रुका रहा। इसके बाद वह देर रात घर लौटने लगा। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे तिरन उईके और धर्मेन्द्र भल्लावी ने उसे घेर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी तिरन को देवीराम पर अपनी पत्नी दुर्गाबाई से बातचीत करने का संदेह था। इसी बात को लेकर उसके मन में रंजिश थी। इसी संदेह के चलते उसने अपने साथी धर्मेन्द्र के साथ मिलकर देवीराम पर हमला किया। अंधेरे में किया हमला, रस्सी से बांधकर बेल्ट-डंडों से पीटा
अभियोजन के अनुसार, वारदात की रात आरोपियों ने अंधेरे में बत्ती बंद कर देवीराम का इंतजार किया। रास्ते से गुजरते समय आहट मिलने पर देवीराम ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह पानी की टंकी के पास बने गड्ढे में गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और रस्सियों से बांधकर घसीटा। फिर चमड़े की बेल्ट और बांस के मोटे डंडों से उस पर लगातार वार किए। हमले में देवीराम गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों की मारपीट के कारण उसके शरीर पर कई चोटें आईं। रात के सन्नाटे में हुई इस घटना के बाद युवक को घायल अवस्था में रस्सी से बंधा छोड़ दिया गया। पिता ने रस्सी खुलवाई तो बोला- मुझे पानी पिला दो
रात करीब 3 बजे ग्रामीण संतोष बंजारा ने देवीराम के पिता कालू को सूचना दी कि उनके बेटे को तिरन के घर के सामने बंधक बनाकर पीटा जा रहा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। वहां देवीराम लहूलुहान हालत में जमीन पर रस्सी से बंधा पड़ा था। पिता ने किसी तरह उसकी रस्सी खुलवाई और उसे पानी पिलाया। इस दौरान देवीराम ने दर्द से कराहते हुए पिता को बताया कि तिरन और धर्मेन्द्र ने उसे घेरकर बेरहमी से पीटा है। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल ले जाने से पहले ही अत्यधिक अंदरूनी और बाहरी चोटों के कारण उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। बेल्ट, डंडे, रस्सी और कपड़े किए जब्त
खालवा पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर वारदात से जुड़े साक्ष्य जब्त किए। इनमें खून से सनी बेल्ट, बांस के डंडे, रस्सी तथा बाड़े और टापरे से संबंधित साक्ष्य शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए। जब्त कपड़ों और जूतों सहित अन्य साक्ष्यों को परीक्षण के लिए क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), इंदौर भेजा गया। चिकित्सकीय रिपोर्ट में भी शरीर पर आई जानलेवा चोटों और जब्त बेल्ट व डंडों से चोट पहुंचाए जाने के बीच संबंध सामने आया। अभियोजन ने अदालत में इन साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
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पत्नी से बातचीत के शक में युवक की हत्या:दो दोषियों को उम्रकैद; भागवत कथा से लौटते समय बांधकर बेल्ट-डंडों से पीटा था
