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मोहाली के एयरोसिटी में रहने वाले मनमोहन सिंह ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा-2026 में 16वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया है। इस सफलता के साथ उनके हरियाणा पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनने की राह खुली है। हालांकि, अंतिम पद का निर्धारण नियुक्ति और सेवा आवंटन के आधार पर होगा। मूल रूप से पंजाब से जुड़े मनमोहन सिंह 10 साल से अधिक समय चंडीगढ़ में भी बिता चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है। मनमोहन अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को देते हैं। उनका कहना है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है और सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। लुधियाना से कुरुक्षेत्र तक की पढ़ाई
मनमोहन सिंह ने स्कूली शिक्षा लुधियाना के DAV पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने NIT कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा की पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में करियर बनाने का लक्ष्य चुना और उसकी तैयारी में जुट गए। HCS परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल करना उनकी मेहनत और तैयारी का परिणाम है। इस सफलता के बाद अब उनके हरियाणा पुलिस में DSP बनने की संभावना बनी है। पिता सिविल इंजीनियर, मां गृहिणी
मनमोहन सिंह का जन्म 27 जुलाई 1999 को हुआ था। उनके पिता रविंदर सिंह सिविल इंजीनियर हैं और जुबिली ग्रुप में सहायक उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनकी मां जगविंदर कौर गृहिणी हैं। परिवार ने मनमोहन की पढ़ाई और करियर के सफर में अहम भूमिका निभाई। बोले- मेहनत का कोई विकल्प नहीं
मनमोहन सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत और लगन को देते हुए युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उनका मानना है कि किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। शॉर्टकट अपनाने के बजाय सही दिशा में मेहनत करने से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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मोहाली के मनमोहन ने HCS में हासिल की 16वीं रैंक:DSP बनने की राह खुली, बोला- मेहनत का विकल्प नहीं, प्रयास करते रहना चाहिए
