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शिमला में कांग्रेस ऑफिस के बाहर BJP का धरना:सांसद के खिलाफ नारेबाजी, डॉ. अंगोमचा पर JNU में 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप




जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी सियासत गरमा गई है। शनिवार को शिमला में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के बाहर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने धरना देकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा ने कांग्रेस सांसद और JNU के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े मामले को उठाते हुए महिला सुरक्षा और छात्राओं को न्याय दिलाने के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। साथ ही, कांग्रेस सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विवाद के केंद्र में डॉ. अकोइजाम हैं, जो कांग्रेस के टिकट पर 2024 के लोकसभा चुनाव में मणिपुर की इनर मणिपुर सीट से सांसद चुने गए थे। JNU की आंतरिक समिति की जांच के बाद विश्वविद्यालय ने उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। मामला 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। छात्राओं ने मई 2026 में विश्वविद्यालय की कुलपति को शिकायत देने का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। दिल्ली महिला आयोग ने भी मांगी थी जांच रिपोर्ट
इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी थी। आंतरिक समिति के निष्कर्षों के आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। इसी घटनाक्रम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पार्टी की जवाबदेही पर सवाल उठाए। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
हिमाचल में प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है, क्योंकि भाजपा इस मामले के जरिए कांग्रेस को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेर रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से की गई विभागीय कार्रवाई और किसी आपराधिक मामले में अदालत से दोषसिद्धि दो अलग-अलग बातें हैं। सांसद की सदस्यता पर भी केवल विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी के आधार पर स्वतः असर नहीं पड़ता। सांसद के खिलाफ कार्रवाई करें कांग्रेस: डेजी
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने राहुल गांधी से सवाल किया कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी ऐसे मामलों में मौन क्यों रहती है। उन्होंने संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेएनयू के प्रोफेसर के खिलाफ छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि प्रोफेसर वाइवा के अंक देने के बहाने और अन्य तरीकों से अनुचित लाभ मांगते थे। यूनिवर्सिटी की जांच कमेटी की रिपोर्ट में अब ये आरोप सही पाए गए हैं।



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