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- Sabudana Health Benefits; Sago Myth Facts Side Effects Khichdi Kheer | Navratri 2026 Vrat Foods
41 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा
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आज से नवरात्रि शुरू हो रही है। कई लोग 9 दिनों का व्रत रखते हैं। इस दौरान रसोई में एक चीज की एंट्री लगभग तय होती है, वह है साबूदाना। व्रत रखने वाले लोग कभी खिचड़ी, कभी वड़ा तो कभी खीर के रूप में इसे बड़े चाव से खाते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जिस साबूदाने को हम पारंपरिक फलाहार मानते हैं, उसकी कहानी व्रत से नहीं, बल्कि भूख और अकाल से शुरू होती है।
19वीं सदी के आखिर में केरलम भीषण फूड क्राइसिस से जूझ रहा था। तब वहां के शासकों ने लोगों को एक नई कंद फसल खाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसे हम ‘टैपिओका’ या ‘कसावा’ के नाम से जानते हैं।
शुरुआत में लोग इसे खाने से डरते थे। कहा जाता है कि उस समय के महाराजा विशाखम तिरुनाल ने खुद इसे खाकर लोगों को भरोसा दिलाया। धीरे-धीरे यह अकाल से लड़ने का हथियार बन गया।
कुछ दशक बाद द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब चावल की भारी कमी हुई, तब यही टैपिओका हजारों लोगों के लिए सस्ता और पेट भरने वाला विकल्प बना। बाद में इसी कंद के स्टार्च से बनने वाले छोटे-छोटे सफेद मोती यानी साबूदाना भारतीय रसोई तक पहुंचे। आज यह व्रत में खाया जाने वाला सबसे लोकप्रिय फलाहार बन चुका है।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में साबूदाना पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- साबूदाना में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?
- क्या ज्यादा साबूदाना खाने से कोई नुकसान भी होता है?
सोर्स- अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली
सवाल- साबूदाना भारत में इतना लोकप्रिय क्यों है?
जवाब- इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि साबूदाना लंबे समय से व्रत-उपवास की परंपरा का हिस्सा रहा है। यह व्रत में खाने के लिए ‘मान्य’ है। इससे खिचड़ी, खीर, वड़ा जैसे कई व्यंजन आसानी से बनाए जाते हैं। इसके अलावा-
- साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, जिससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है।
- यह लंबे समय तक खराब भी नहीं होता, इसलिए इसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है।
सवाल- साबूदाना में कौन-से पोषक तत्व होते हैं?
जवाब- साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च यानी कार्बोहाइड्रेट का सोर्स है। इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जबकि प्रोटीन, फैट और फाइबर बहुत कम होते हैं। ग्राफिक में इसकी न्यूट्रिशनल प्रोफाइल देखिए-

सवाल- साबूदाना के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
जवाब- इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर को जल्दी एनर्जी देता है। ग्राफिक में सभी फायदे देखिए-

सवाल- क्या साबूदाना हर किसी के लिए हेल्दी है?
जवाब- नहीं, इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा खाने पर कैलोरी इनटेक भी बढ़ सकता है। किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- ज्यादा साबूदाना खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
जवाब- इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व न के बराबर होते हैं। इसलिए बार-बार या ज्यादा मात्रा में खाने से डाइट का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे कई समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल- क्या साबूदाना खाने से वजन बढ़ता है?
जवाब- हां, ज्यादा मात्रा में खाने पर वजन बढ़ा सकता है। इसे ऐसे समझिए-
- वजन तब बढ़ता है, जब शरीर में जितनी कैलोरी खर्च होती है, उससे ज्यादा कैलोरी जमा होने लगती है।
- साबूदाना में मौजूद कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है।
- शरीर इन कार्बोहाइड्रेट्स को ग्लूकोज में बदलकर एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है। लेकिन जब जरूरत से ज्यादा ऊर्जा मिलती है और वह खर्च नहीं हो पाती, तो शरीर उसे फैट के रूप में स्टोर करने लगता है।
- साबूदाना में प्रोटीन और फाइबर कम होते हैं। ये दोनों पोषक तत्व पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करते हैं। इनके कम होने की वजह से जल्दी भूख लग सकती है, जिससे कुल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है।
सवाल- क्या रोज साबूदाना खाना सही है?
जवाब- साबूदाना कभी-कभार या व्रत के दौरान खा सकते हैं। लेकिन डेली डाइट में फल-सब्जियां, दाल, दूध और अन्य पौष्टिक चीजों की भी जरूरत होती है। इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाना बेहतर है।
सवाल- क्या साबूदाना बच्चों के लिए अच्छा है?
जवाब- हां, यह बच्चों को ऊर्जा देने में मदद करता है और आसानी से पच भी जाता है। हालांकि, बच्चों की बढ़ती उम्र में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है। साबूदाना में इनमें से अधिकांश पोषक तत्व न के बराबर होते हैं। इसलिए इसे कंप्लीट फूड नहीं मानना चाहिए।
सवाल- नवरात्रि में साबूदाना ज्यादा क्यों खाया जाता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- हिंदू धर्म में व्रत के दौरान गेहूं, चावल जैसे अनाज नहीं खाए जाते। वहीं साबूदाना उन फूड आइटम्स में शामिल है, जिन्हें कई व्रतों में खाया जाता है।
- इसके पीछे एक व्यावहारिक कारण भी है। व्रत में लोग दिनभर कम भोजन करते हैं या लंबे समय तक भूखे रहते हैं। साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, इसलिए यह शरीर को जल्दी ऊर्जा देता है।
- यही कारण है कि समय के साथ यह व्रत की डाइट का प्रमुख हिस्सा बन गया।
सवाल- क्या सिर्फ साबूदाना खाकर व्रत रखना सही है?
जवाब- साबूदाना व्रत का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पूरे व्रत का आधार नहीं होना चाहिए। व्रत के दौरान शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ प्रोटीन, अच्छे फैट, विटामिन और मिनरल्स की भी जरूरत होती है।

सवाल- साबूदाना खिचड़ी और साबूदाना वड़ा में क्या बेहतर है?
जवाब- साबूदाना खिचड़ी, वड़ा की तुलना में बेहतर ऑप्शन है। पॉइंटर्स से समझिए-
- खिचड़ी में आमतौर पर कम तेल का इस्तेमाल होता है, जबकि साबूदाना वड़ा डीप फ्राई किया जाता है। इससे उसकी कैलोरी और फैट की मात्रा बढ़ जाती है।
- साबूदाना, मूंगफली और सब्जियों के साथ बनी खिचड़ी अपेक्षाकृत हल्की होती है और पचने में भी आसान रहती है।
- वहीं वड़ा स्वादिष्ट जरूर होता है, लेकिन तलने के कारण इसे कभी-कभार और सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है।
सवाल- व्रत में साबूदाना खाने का सबसे हेल्दी तरीका क्या है?
जवाब- इसका सबसे हेल्दी तरीका है कि इसे प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट वाली चीजों के साथ मिलाकर खाया जाए। इसके लिए ये 3 विकल्प बेहतर हैं-
साबूदाना-मूंगफली खिचड़ी
मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट होता है, जिससे फलाहार संतुलित बनता है।
दही के साथ साबूदाना
प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स मिलते हैं।
दूध और ड्राई फ्रूट्स से बना साबूदाना खीर
कम चीनी में बनी खीर के साथ बादाम, अखरोट जैसे मेवे मिलाने से न्यूट्रिशन वैल्यू बढ़ जाती है।
क्या न करें?
ज्यादा तेल, ज्यादा घी और ज्यादा चीनी के साथ साबूदाना खाने से बचें। इससे कैलोरी अधिक बढ़ सकती है।
साबूदाना से जुड़े मिथ और फैक्ट
मिथ- साबूदाना सुपरफूड है।
फैक्ट- नहीं, यह मुख्य रूप से स्टार्च वाला फूड है।
मिथ- साबूदाना खाने से शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं।
फैक्ट- नहीं, इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स न के बराबर होते हैं।
मिथ- डायबिटीज में साबूदाना जितना चाहें खा सकते हैं।
फैक्ट- बिल्कुल नहीं। डायबिटिक लोगों को इसे अवॉइड करना चाहिए।
मिथ- साबूदाना वजन घटाने वाला फूड है।
फैक्ट- नहीं, ज्यादा खाने से वजन बढ़ता ही है।
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ग्राफिक- अजीत सिंह
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कल्पना कीजिए कि नवरात्रि व्रत में खाए जाने वाले सभी फूड्स एक परीक्षा में बैठे हैं। सवाल सिर्फ एक है- “कौन सा फूड शरीर को सबसे ज्यादा पोषण देता है?”
किसी फूड के पास कार्बोहाइड्रेट का भंडार है, कोई प्रोटीन के दम पर आगे है, तो कोई फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स की वजह से नंबर बढ़ा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

