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भारतीय वायुसेना (IAF) की अग्निवीरवायु नॉन-कॉम्बैटेंट भर्ती (Intake 01/2027) के अंतर्गत हॉस्पिटैलिटी स्ट्रीम की चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाले भिवानी जिले के गांव राजगढ़ निवासी खुशवंत को प्रवेश-पत्र परीक्षा की निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद प्राप्त हुआ है। खुशवंत के प्रवेश-पत्र के अनुसार उसकी लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PFT) तथा स्ट्रीम उपयुक्तता परीक्षा की तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित थी। परीक्षा केंद्र एयर फोर्स स्कूल, सेक्टर-14, पुरानी दिल्ली रोड, गुरुग्राम दिया गया था और रिपोर्टिंग का समय सुबह 6 बजे अंकित था। लेकिन अभ्यर्थी को यह प्रवेश-पत्र 10 अक्टूबर को प्राप्त हुआ। निर्धारित परीक्षा तिथि के पांच दिन बाद। लिफाफे पर डाकघर की 10 अक्टूबर की मुहर
खुशवंत के पिता शिव कुमार शास्त्री ने बताया कि उपलब्ध लिफाफे पर डाकघर की मुहर भी 10 अक्टूबर की है। डाकघर की मुहर से यह पुष्टि होती है कि पत्र इसी तारीख को डाक प्रक्रिया में आया, तो यह जांच का विषय है कि प्रवेश-पत्र समय पर जारी और प्रेषित क्यों नहीं किया गया। अग्निवीरवायु भर्ती युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना में सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। अभ्यर्थी आवेदन करने, तैयारी करने और चयन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए समय व संसाधन लगाते हैं। ऐसे में यदि प्रवेश-पत्र ही परीक्षा के बाद मिले, तो अभ्यर्थी को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर कैसे मिलेगा? उन्होंने कहा कि यह मामला केवल खुशवंत का नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही से जुड़ा है। प्रभावित अभ्यार्थी को नियमानुसार परीक्षा देने का अवसर दिया जाए
उन्होंने कहा कि इसके लिए एयरफोर्स में शिकायत की जाएगी। साथ ही मांग की जाएगी कि खुशवंत के प्रवेश-पत्र जारी करने और डाक से भेजने के पूरे रिकॉर्ड की जांच की जाए। डाकघर की मुहर और पत्र के प्रेषण संबंधी विवरण की पुष्टि करवाई जाए। देरी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति अथवा एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। प्रभावित अभ्यर्थी को नियमानुसार परीक्षा में शामिल होने का उचित अवसर प्रदान करने पर विचार किया जाए। भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी का भविष्य ऐसी प्रशासनिक या डाक संबंधी लापरवाही के कारण प्रभावित न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
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