![]()
मेरठ में सेवा और जनकल्याण के उद्देश्य से संकल्प अभियान के तहत नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। कनोहरलाल डिग्री कॉलेज, शारदा रोड पर आयोजित इस शिविर में करीब 200 से अधिक लोगों ने आंखों की जांच कराई। जांच के दौरान 35 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इन मरीजों ने ऑपरेशन कराने के लिए सहमति दी है। संस्था की ओर से मरीजों को ऑपरेशन के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। मरीजों के आने-जाने, भोजन और ऑपरेशन सहित अन्य संबंधित खर्च संस्था स्वयं वहन करेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एक संस्था की टीम दिल्ली से मेरठ पहुंची और मरीजों की आंखों की जांच की। यह संस्था अब तक 4,169 शिविर आयोजित कर चुकी है और 63 लाख 63 हजार 355 मरीजों की जांच कर चुकी है। संस्था के दिल्ली में तीन अस्पताल हैं, जहां आंखों के ऑपरेशन के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं। मरीजों को दवा और चश्मे भी दिए शिविर में आंखों की जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को दवाएं दी गईं। कुछ लोगों को चश्मे भी उपलब्ध कराए गए। मोतियाबिंद से पीड़ित 35 मरीजों के ऑपरेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए मरीजों को दिल्ली ले जाने और उपचार की तारीखें तय की जाएंगी। नेत्रदान के प्रति जागरूकता में भी योगदान डॉ वाजपेई ने बताया कि संस्था अब तक 231 लोगों का नेत्रदान करा चुकी है, जबकि 2,000 से अधिक लोग नेत्रदान के लिए सहमति दे चुके हैं। संस्था का कार्य केवल नेत्र चिकित्सा तक सीमित नहीं है। यह दंत चिकित्सा शिविर भी आयोजित करती है। इसके अलावा गांवों और शहर के कुछ हिस्सों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 177 सिलाई-कढ़ाई केंद्र चलाने का काम भी कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में फिर शिविर लगाने की उम्मीद आयोजकों का कहना है कि संस्था ने मेरठ में शिविर लगाकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस तरह के शिविर आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
Source link
संकल्प अभियान के तहत मेरठ में लगा नेत्र शिविर:35 मरीजों में मिला मोतियाबिंद, राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई ने बताया दिल्ली में होगा निशुल्क ऑपरेशन
