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पंजाब सरकार और जिला प्रशासन की सख्त हिदायतों के बावजूद तरनतारन जिले में पराली (धान के अवशेष) जलाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पराली को आग लगाने वाले 3 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बाद भी किसान खेत में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। थाना गोइंदवाल साहिब में दर्ज हुआ मामला मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी तरनतारन सुरिंदर कुमार लांबा ने बताया कि थाना गोइंदवाल साहिब की पुलिस ने पर्यावरण सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर धारा 223 के तहत तीन अलग-अलग मामले (केस नंबर 497, 498 और 499) दर्ज किए हैं। इन किसानों की पहचान सुखजिंदर सिंह पुत्र दिलबाग सिंह (निवासी: गांव चंबा खुर्द), सेवा सिंह पुत्र नाजर सिंह (निवासी: गांव भरोवाल), सतिंदर सिंह पुत्र हरभजन सिंह (निवासी: गांव भरोवाल) के रूप में हुई है। पर्यावरण और जमीन की उपजाऊ शक्ति को नुकसान पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों ने एक बार फिर किसानों से अपील की है कि वे खेतों में अवशेषों को आग न लगाएं। अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि पराली में आग लगाने से जहरीला धुआं फैलता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, जमीन की उपजाऊ शक्ति क्षीण होती है और मिट्टी में मौजूद मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। एसएसपी ने बताया कि कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें गांवों में लगातार गश्त कर रही हैं और किसानों को पराली प्रबंधन के अन्य विकल्प अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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पुलिस ने पराली जलाने वाले 3 किसानों पर केस दर्ज:तरनतारन में प्रशासन की सख्ती के बावजूद जारी हैं घटनाएं, प्रदूषण का खतरा
