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शारदीय नवरात्र के पहले दिन रायसेन में मां जगदंबे की प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। देर रात तक झांकी समितियों के सदस्य आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ माता की प्रतिमाओं को पंडालों तक ले जाते रहे। श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते-गाते और जय माता दी के जयकारे लगाते हुए माता रानी की अगवानी करते नजर आए। शहर में छोटी-बड़ी करीब 70 स्थानों पर माता की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रतिमाओं को पंडालों में पहुंचाने के बाद विधि-विधान से स्थापना और आरती का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। पंडालों में आकर्षक सजावट की गई है। रामलीला मैदान में 15 फीट से अधिक ऊंची मां काली की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। वहीं, अलग-अलग समितियों ने अपनी झांकियों को विशेष रूप देने के लिए अनूठी सजावट और धार्मिक स्वरूप तैयार किए हैं। 27वें वर्ष में रामायण पर आधारित गुफा बनेगी आकर्षण
शहर के पीएचई रोड स्थित अर्जुन नगर के अंजनी कुमार हनुमान मंदिर परिसर में श्री वीर शिवाजी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा इस वर्ष भी भव्य पंडाल तैयार किया गया है। समिति अपने 27वें वर्ष में रामायण पर आधारित पंडाल बना रही है। समिति के सदस्यों के अनुसार, झांकी के माध्यम से हर साल समाज को धार्मिक और सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया जाता है। काली मिट्टी और दूर्वा से तैयार की मां की प्रतिमा
रॉयल सिटी परिवार ने इस बार पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए मां की अनूठी प्रतिमा तैयार की है। प्रतिमा काली मिट्टी और दूर्वा यानी हरी घास से बनाई जा रही है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पटेल नगर में मां सिंह वाहिनी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
मां सिंह वाहिनी श्री दुर्गा उत्सव समिति, पटेल नगर द्वारा स्थापित मां जगदंबे की आकर्षक प्रतिमा के दर्शन के लिए नवरात्र के पहले दिन ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वार्ड क्रमांक 18 स्थित चौपड़ा मोहल्ले में श्री मीनेश दुर्गा उत्सव समिति द्वारा हर वर्ष की परंपरा के अनुसार रायसेन की महारानी के भव्य आगमन की तैयारियां की गई हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
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देर रात तक पंडालों में पहुंचीं मां जगदंबे की प्रतिमाएं:कहीं 15 फीट की मां काली, कहीं रामायण और पर्यावरण थीम की झांकियां
