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नारनौंद में दो दिवसीय व्यास जयंती समारोह:हरियाणवी लोकगीतों और सांग की प्रस्तुतियों ने बांधा समां; डॉ. सीमा परमार सम्मानित




हरियाणा के नारनौंद में दो दिवसीय व्यास जयंती कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हरियाणवी लोकगीत एवं संस्कृति को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में हरियाणवी लोकगीत कलाकारों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने सांग व विभिन्न लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। दो दिवसीय इस आयोजन में नारनौंद की जनता ने भारी रुचि दिखाई। कार्यक्रम के पहले दिन बरवाला के पूर्व विधायक जोगीराम सिहाग बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस दौरान हरियाणा के एकमात्र ‘कवि कविराज’ की उपाधि प्राप्त जय सिंह राणा के सुपुत्र डॉ. अश्विनी राणा एवं उनकी पुत्रवधु डॉ. सीमा परमार (एसोसिएट प्रोफेसर, HAU) को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगीतकार डॉ. रविंद्र नागर को भी कवि जय सिंह राणा के लोकगीतों को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया । संस्कृति व नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए सम्मान मुख्य अतिथि व व्यास घराने के प्रबुद्ध जनों ने डॉ. सीमा परमार को हाल ही में उनके द्वारा किए गए लोकगीतों के प्रचार-प्रसार, हरियाणवी लोक संस्कृति के उत्थान और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर नारनौंद के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के प्रतिष्ठित अधिकारियों के साथ-साथ म्यूनिसिपल कमेटी के पार्षद व चेयरमैन भी मौजूद रहे। व्यास परिवार हमेशा कविराज के ज्ञान का ऋणी रहेगा कार्यक्रम के दौरान देवेंद्र व्यास ने कहा कि डॉ. सीमा परमार और डॉ. अश्विनी राणा की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की है। उन्होंने बताया कि व्यास परिवार हमेशा से कविराज जय सिंह जी द्वारा दिए गए ज्ञान का ऋणी रहा है। कविराज जय सिंह न केवल महावीर व्यास जी के गुरु रहे, बल्कि उन्होंने अपनी उत्कृष्ट लेखनी से हरियाणा के समस्त कवियों को लाभान्वित किया है।



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