Headlines

नोटिस; बाहरी कोच क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र पर नहीं दें कोचिंग:स्टेडियम में बाहरी लोग कोचिंग से पैसा कमा रहे, स्पोर्ट्स काउंसिल ने 6 माह बाद लगाया प्रतिबंध




सवाई मानसिंह स्टेडियम (एसएमएस) सहित अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर पैसे देकर बच्चों को कोचिंग दे रहे बाहरी लोगों की याद आखिर स्पोर्ट्स काउंसिल को आ ही गई। काउंसिल ने एसएमएस और अन्य केंद्रों पर कोचिंग दे रहे बाहरी कोचों पर प्रतिबंध लगा दिया। सोमवार को खेल अधिकारी करण सिंह ने एक आदेश निकाला। इसमें साफ लिखा है कि आज के बाद कोई भी बाहरी व्यक्ति क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्रों पर बिना स्पोर्ट्स काउंसिल की अनुमति के कोचिंग नहीं दे सकता। आदेश में यह भी साफ लिखा है कि बाहरी लोग आकर कोचिंग दे रहे हैं और बच्चों से पैसे भी ले रहे हैं। अब कोचिंग सिर्फ और सिर्फ काउंसिल के कोच ही देंगे और बच्चों के पैरेंट्स को भी साथ जाने की इजाजत नहीं होगी। खास बात यह है कि ये बाहरी कोच कोई 10-15 दिन से कोचिंग नहीं दे रहे थे। यह करीब 6 महीने से लगातार काउंसिल के कोचों के साथ ही एसएमएस स्टेडियम और अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर सुबह-शाम कोचिंग दे रहे थे, लेकिन काउंसिल आंखें मूंदे रहा। सवाल यह है कि एसएमएस में बाहर का व्यक्ति कैसे रोज रोज आकर कोचिंग देता रहा और बच्चों से पैसे लेता रहा, काउंसिल के अधिकारियों को अब क्यों ध्यान आया? कोच और खेल अधिकारी के 225 से ज्यादा पद हैं रिक्त राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल में खेल अधिकारी और प्रशिक्षक के 225 से अधिक पद रिक्त हैं। स्पोर्ट्स मैनेजर के 10 और असिस्टेंट स्पोर्ट्स मैनेजर के 40 पद खाली पड़े हैं। आखिरी बार कोचों की भर्ती 2012 में हुई थी। 14 साल से एक भी परमानेंट कोच भर्ती नहीं हुआ है। 6 माह से कॉन्ट्रैक्ट कोच नहीं 2025 में एक साल के लिए 500 कॉन्ट्रैक्ट कोच भर्ती हुए थे। मार्च में इनका समय पूरा हो गया। छह महीने हो गए अब तक कॉन्ट्रैक्ट कोच भी भर्ती नहीं हुए हैं। आचार संहिता लगने से पहले जरूर 700 कॉन्ट्रैक्ट कोचों की भर्ती के लिए करीब 15 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *