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Tamannaah Bhatia & Mrunal Thakur at Mata Ki Chowki


3 घंटे पहले

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अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने नवरात्र पर माता की चौकी में हिस्सा लिया। अपनी एक दोस्त के घर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में उनके साथ अभिनेत्री मृणाल ठाकुर भी मौजूद थीं।

तमन्ना ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें वे मृणाल ठाकुर के साथ भजन गाती और आरती में शामिल होती नजर आ रही हैं।

तमन्ना ने एक भावुक नोट शेयर कर बताया कि लगातार 5 घंटे तक चले इस कार्यक्रम में उन्हें शांति और आध्यात्मिक अनुभव मिला।

शेयर किए आरती और भजनों के वीडियो

तमन्ना भाटिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर माता की चौकी की कई झलकियां पोस्ट की हैं। वीडियो में मेहमान भजनों पर झूमते और आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इनमें से एक वीडियो में तमन्ना अपनी सह-कलाकार मृणाल ठाकुर के साथ बैठकर देवी मां के भजन गाती नजर आ रही हैं। तमन्ना ने इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के अवसर के लिए आभार जताया और अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बात की।

‘5 घंटे का समय एक पल जैसा महसूस हुआ’

कार्यक्रम के अनुभव को बयां करते हुए तमन्ना ने लिखा कि भजनों की गूंज और माता रानी की कहानियों के जरिए उन्हें ऐसा लगा जैसे वे वैष्णो देवी की यात्रा कर रही हों।

उन्होंने लिखा कि कमरे में उठती संगीत की तरंगों और भक्ति के माहौल के बीच इंसान अंदर से शांत हो जाता है। तमन्ना के अनुसार, संगीत, प्रार्थना और समर्पण के वे 5 घंटे उन्हें एक ही पल के समान महसूस हुए।

‘द वन’ फिल्म और छठ पूजा से जुड़ी रही हैं यादें

तमन्ना भाटिया पिछले कुछ समय से लगातार अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में रही हैं। भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित फैंटेसी ड्रामा फिल्म ‘द वन’ की शूटिंग के बाद से ही उनका झुकाव धार्मिक परंपराओं की तरफ बढ़ा है।

दैनिक भास्कर से बातचीत में तमन्ना ने बताया था की वे छठी मैया गाने की शूटिंग के दौरान भावुक हो गईं थीं। उन्होने कहा जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है।

शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है।

हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया।

4 साल पहले शुरू हुई स्पिरिचुअल जर्नी

बातचीत में तमन्ना ने आगे कहा की करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती।

क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है।

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मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। पूरी खबर पढ़ें



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