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कोरकोटा मोड़ से लेकर बंदियो तक कि जर्जर सड़क। भास्कर न्यूज । तेलो चंद्रपुरा प्रखंड की सड़कें विकास के दावों की पोल खोल रही हैं। क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक प्रमुख सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं। लोगों का कहना है कि इन सड़कों पर गाड़ियां चलती नहीं, उड़ती हैं। बरसात के कारण सड़कें जगह-जगह तालाब का रूप ले चुकी हैं। हर दिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि अब तक मौन हैं। सबसे खराब स्थिति पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क से बंदियो होते हुए नावाडीह, कोरकोटा मोड़-बंदियो, नर्रा-घटियारी-चंद्रपुरा, कोदवाडीह-तेलो-टी मोड़, तेलो महतो मार्केट-दांडूडीह-आगर डीह-दुग्दा, जरूवामोड़-तेलो दुर्गा मंदिर तथा भंडारीदाह-सिमराकुल्ह ी सड़क की है। इन मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढों और उखड़े पत्थरों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नर्रा से घटियारी होते हुए चंद्रपुरा जाने वाली सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसी मार्ग से नर्रा, बंदियो, गटीगढ़, अलरगो, बेहराटांड़, बेलियाटांड़ और बरवाडीह समेत कई गांवों के 4 से 5 हजार लोग रोजाना आवागमन करते हैं। मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति ग्रामीणों का आरोप है कि दो वर्ष पहले कुछ हिस्सों की मरम्मत की गई थी, लेकिन वह केवल खानापूर्ति साबित हुई। थोड़े समय बाद सड़क फिर उखड़ गई। जरूवामोड़ से तेलो दुर्गा मंदिर तक सड़क की हालत भी ऐसी है कि एक ओर निर्माण होता गया और दूसरी ओर सड़क टूटती चली गई। आज पूरा मार्ग जर्जर हो चुका है। चुनाव में वादा करते, बाद में भगवान भरोसे छोड़ देते कोरकोटा मोड़ से बंदियो तक की सड़क चुनावी मुद्दा बनी थी। जनप्रतिनिधियों ने इसे प्राथमिकता से बनाने का वादा किया था, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी प्रतिदिन इन्हीं सड़कों से गुजरते हैं, फिर भी किसी का ध्यान इन बदहाल मार्गों की ओर नहीं है। लोगों ने अविलंब सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की उच्चस्तरीय जांच कर गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। इसे लेकर भाजपा तेलो मंडल अध्यक्ष सुरेश कुमार कुशवाहा ने कहा कि सभी रोड़ पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इसमें संवेदक का रोल बहुत बड़ा रहता है। रोड को जैसे तैसे बना दिया जाता है।
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चंद्रपुरा की छह से अधिक सड़कें जानलेवा, 18 करोड़ की सड़क चार साल में ही बेकार
