अजमेर में मानसून की रफ्तार पिछले कुछ दिनों से धीमी पड़ गई है। बादल लगातार आसमान में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है।
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मंगलवार सुबह भी मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। कभी घने बादल छाए तो कभी धूप निकल आई। इससे वातावरण में उमस और बढ़ गई। हालांकि मौसम विभाग ने मंगलवार को बारिश की संभावना जताई है। वहीं 21 अगस्त से जिले में मानसून के फिर सक्रिय होने के आसार हैं।

मंत्री बोले- किसानों को मिलेगा सिंचाई का पानी
बारिश के कमजोर दौर को लेकर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि बारिश इंद्रदेव की कृपा से ही होती है। उन्होंने कहा कि अजमेर में अभी औसत बारिश को लेकर थोड़ी कमी महसूस हो रही है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होगी।
मंत्री ने कहा, “भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। अजमेर में जितनी जरूरत है, इंद्रदेव उतनी पर्याप्त बारिश जरूर करेंगे।” उन्होंने कहा कि अच्छी बारिश होने पर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
बीसलपुर में पेयजल के लिए पर्याप्त पानी
मंत्री रावत ने अजमेर के पेयजल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बीसलपुर बांध में अजमेर के लिए पीने का पर्याप्त पानी आ चुका है। ऐसे में पेयजल को लेकर फिलहाल किसी तरह की किल्लत की स्थिति नहीं है। बारिश होने पर किसानों को सिंचाई के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद है।

21 अगस्त से बदल सकता है मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर हैं। बादलों की आवाजाही के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है। 21 अगस्त से मानसून के फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। ऐसे में जिले में बारिश का नया दौर शुरू होने और लोगों को उमस-गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
सामान्य से 18.3% ज्यादा बारिश, 61.2 मिमी अतिरिक्त
मानसून की मौजूदा सुस्ती के बावजूद अजमेर जिले में इस सीजन की बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर है। अब तक जिले में 396.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि इसी अवधि में औसत बारिश 335.2 मिमी मानी गई है। यानी अब तक 61.2 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 18.3% अधिक है।
