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कृषि विभाग की टीम को मीणा खाद भंडार जांच के दौरान निर्धारित एमआरपी से अधिक दर पर बिक्री समेत कई अनियमितताएं मिलीं।
झालावाड़ जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कृषि विभाग की टीम ने अकलेरा स्थित मीणा खाद भंडार पर सघन जांच की। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के भंडारण और बिक्री में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
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विभाग ने मौके से कुल 2457 बैग उर्वरक जब्त किए। इनमें 718 बैग डीएपी, 1116 बैग सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी), 105 बैग नीम कोटेड यूरिया और 518 बैग पोटाश डेरिवेड फ्रॉम मोलासस (दानेदार) शामिल हैं।
निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया पाया गया कि संस्थान की ओर से भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दर पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा था। इसके अलावा खाद भंडार पर स्टॉक एवं मूल्य सूची निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं की गई थी। किसानों को उर्वरक बेचने के बाद निर्धारित प्रपत्र में बिल भी जारी नहीं किए जा रहे थे।
बिना ‘ओ’ फॉर्म के बिक्री और अप्रघोषित परिसर में भंडारण
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि लाइसेंस में आवश्यक ‘ओ’ फॉर्म दर्ज कराए बिना उर्वरकों का विक्रय एवं वितरण किया जा रहा था। इसके साथ ही अप्रघोषित परिसरों से उर्वरकों का भंडारण और विक्रय किए जाने की बात भी सामने आई। निरीक्षण दल को आवश्यक अभिलेख एवं सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने तथा निरीक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसी अनियमितताएं भी पाई गईं।
निर्धारित रिकॉर्ड और रिटर्न का संधारण नहीं
जांच में संस्थान की ओर से निर्धारित अभिलेखों एवं रिटर्न का संधारण नहीं किए जाने की भी जानकारी सामने आई। विभाग ने इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
संयुक्त निदेशक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा के निर्देश पर की गई। कार्रवाई का नेतृत्व चौथमल शर्मा ने किया। इस दौरान सत्येंद्र पाठक, उप निदेशक कृषि (सामान्य), छोटू सिंह काजला, सहायक निदेशक उद्यान, भूपेंद्र सिंह, सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), प्रेम शंकर गोचर, कृषि अधिकारी (फसल), मोरध्वज मीणा एवं सुरेश कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
किसानों के हितों से खिलवाड़ पर होगी सख्त कार्रवाई
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) झालावाड़ डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिलेभर में विशेष निगरानी एवं जांच अभियान जारी है।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से बिल प्राप्त करें। निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लिए जाने अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कृषि विभाग को इसकी सूचना दें।
