Headlines

Amritsar Bhandari Bridge Protest | Ambedkar Insult Controversy Update


दलित समाज के लोगों ने अमृतसर में भंडारी पुल जाम करने का ऐलान किया।

लुधियाना में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामले को लेकर आज (शुक्रवार, 11 सितंबर) अमृतसर में भंडारी पुल को 3 घंटे के लिए जाम किया जाएगा। इसे लेकर गुरुवार को केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में विभिन्न संगठनों की आपात बैठक हुई।

.

बैठक में फैसला लिया गया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पुल पर आवाजाही रोककर विरोध जताया जाएगा। वहीं, बैठक में अमृतसर बंद के आह्वान को वापस ले लिया गया।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार बंद के कारण व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को अमृतसर में पूर्ण बंद नहीं किया जाएगा।

हालांकि, भंडारी पुल पर रोष प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान पंजाब सरकार के पुतले फूंककर बाबा साहेब की बेअदबी के मामले में रोष जताया जाएगा।

संगठनों ने कहा कि चक्का जाम के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा जाएगा, जबकि आम यातायात प्रभावित होने की संभावना है।

अमृतसर में गुरुवार को संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर बंद की कॉल वापस ली।

अमृतसर में गुरुवार को संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर बंद की कॉल वापस ली।

भंडारी पुल बंद होने का असर

  • पुराने और नए शहर को जोड़ता है: अमृतसर का भंडारी पुल शहर के सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक कॉरिडोर में से एक है। रेलवे लाइन के ऊपर बना यह पुल अमृतसर के पुराने शहर और नए शहर को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। पुराने शहर में हॉल गेट, हॉल बाजार, रामबाग और आसपास के इलाके हैं। जबकि पुल के दूसरी तरफ रेलवे स्टेशन, कचहरी रोड, सिविल लाइंस, रंजीत एवेन्यू और आगे के क्षेत्र जुड़ते हैं।
  • ट्रैफिक डायवर्ट होने से दूसरे रास्तों पर जाम लगेगा: इस पुल से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं। चूंकि यह पुराने और नए अमृतसर के बीच महत्वपूर्ण लिंक है, इसलिए इसके बंद होने पर ट्रैफिक दूसरे रास्तों पर डायवर्ट होगा। इससे हॉल गेट, रामबाग, रेलवे स्टेशन, क्रिस्टल चौक, कूपर रोड और आसपास की सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। पहले भी भंडारी पुल पर प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक रुकने पर इन इलाकों में लंबा जाम देखा गया है।
  • वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें: भंडारी पुल बंद होने के दौरान वाहन सवार अपनी दिशा के अनुसार रीगो ब्रिज/लोहगढ़ चौक, टैंक चौक, खालसा कॉलेज के सामने वाले नए पुल और शहर की अन्य लिंक सड़कों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस की पुरानी ट्रैफिक एडवाइजरी में भी भंडारी पुल के विकल्प के तौर पर लोहगढ़-टैंक चौक-रीगो ब्रिज रूट बताया गया था।
  • दूसरी सड़कों पर असर पड़ सकता है: 2022 में भंडारी पुल के साथ दो समानांतर पुल शुरू होने से इसकी क्षमता बढ़ी और सामान्य समय में जाम कम हुआ था, लेकिन अगर प्रदर्शन के दौरान पूरे भंडारी पुल कॉरिडोर पर चक्का जाम होता है, तो इसका असर वैकल्पिक रास्तों पर भी पड़ना तय है।

क्या है पूरा मामला और अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए…

  • डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के गले में जूतों का हार डाला: मंगलवार, 8 सितंबर की शाम को कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने लुधियाना में जालंधर बाईपास चौक पर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के गले में जूतों का हार डाल दिया और प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की। जैसे ही इस घटना की खबर फैली, वाल्मीकि और दलित समाज के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया और वे बड़ी संख्या में चौक पर इकट्ठा हो गए।
  • दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम किया: गुस्साई भीड़ ने जालंधर बाईपास चौक पर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया। इसके कारण अमृतसर, जालंधर, दिल्ली, पटियाला और अंबाला की तरफ जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ADCP समीर वर्मा के समझाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देने के बाद करीब साढ़े 5 घंटे बाद हाईवे खोला जा सका।
  • प्रतिमा का शुद्धीकरण हुआ: घटना के अगले दिन बुधवार सुबह दलित समुदाय के लोगों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर अपमानित की गई डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का दूध से अभिषेक कर शुद्धीकरण किया और वहां पूजा-अर्चना की।
लुधियाना में गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था। - फाइल फोटो

लुधियाना में गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था। – फाइल फोटो

पंजाब के शहरों को बंद किया गया

  • लुधियाना बंद (9 सितंबर): इस घटना के विरोध में दलित और वाल्मीकि संगठनों की ओर से बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर दिखा है। बुधवार को लुधियाना शहर में 7 घंटे का पूर्ण बंद रखा गया। मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे।
  • जालंधर और होशियारपुर बंद (10 सितंबर): विरोध की आग अन्य शहरों तक भी पहुंची। 10 सितंबर को जालंधर और होशियारपुर में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे गए। हालांकि, परीक्षाओं और मरीजों की सुविधा के लिए स्कूल, कॉलेज और मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई थी।

पुलिस और प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की

लुधियाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने अपराधियों की पहचान के लिए चौक और उसके आसपास लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं।

भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए प्रतिमा के आसपास नए सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। साथ ही, पुलिस प्रशासन और डीसी कार्यालय मिलकर प्रतिमा के चारों तरफ सुरक्षा के लिए शीशे लगवाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

दलित समुदाय के प्रतिनिधियों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर आरोपियों को एक हफ्ते के भीतर गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰

यह खबर भी पढ़ें…

अंबेडकर प्रतिमा का अपमान, कल अमृतसर में चक्काजाम:आज जालंधर-होशियारपुर बंद रहा; लुधियाना पुलिस को 1 हफ्ते का अल्टीमेटम

लुधियाना में जूतों की माला से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के विरोध में दलित समाज की ओर से आज (10 सितंबर) जालंधर और होशियारपुर बंद किया गया। जालंधर में सुबह से ही बाजारों की ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। जो खुलीं थी, उन्हें प्रदर्शनकारियों ने बंद कराया। होशियारपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराए। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *