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Araria Hotel Rules: Foreign Citizens Monitoring via Form-3 Mandatory


भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के अररिया जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए पुलिस ने अहम पहल की शुरुआत की है।

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अब जिले के होटल संचालकों और विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले अन्य लोगों को FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) के नए प्रावधानों का पालन करना होगा।

इसके तहत विदेशी नागरिकों के चेक-इन और चेक-आउट, दोनों की जानकारी ऑनलाइन Form-3 के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य होगा।

अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी होटल संचालकों और विदेशी नागरिकों को आवास उपलब्ध कराने वाले लोगों के साथ विशेष बैठक की।

इस दौरान उन्हें नए नियमों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया कि विदेशी नागरिकों के ठहरने से संबंधित जानकारी दर्ज करने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Form-C की जगह Form-3, दो बार देनी होगी जानकारी

एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पहले विदेशी नागरिकों के ठहरने की सूचना देने के लिए Form-C का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब इसकी जगह Form-3 की व्यवस्था लागू की गई है।

नए प्रावधान के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक के होटल या अन्य आवासीय परिसर में पहुंचने पर चेक-इन के समय और वहां से जाने पर चेक-आउट के समय FRRO की वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य विदेशी नागरिकों के ठहरने की जानकारी संबंधित सिस्टम में दर्ज करना और उनकी आवाजाही पर नजर रखना है।

वीजा नियमों के उल्लंघन पर मिल सकता है अलर्ट

पुलिस के अनुसार, नई व्यवस्था से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की निगरानी में मदद मिलेगी।

यदि कोई विदेशी नागरिक किसी विशेष शहर में रहने के उद्देश्य से मेडिकल वीजा लेकर आता है, लेकिन दूसरे शहर में जाकर ठहरता है, तो Form-3 में दर्ज जानकारी के आधार पर सिस्टम में संभावित नियम उल्लंघन को लेकर अलर्ट मिल सकता है।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

एसपी ने होटल संचालकों को चेतावनी दी कि विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने बैठक को जागरूकता और संवेदीकरण की पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य नियमों के उल्लंघन को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना है।

भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले में तस्करी, अवैध आव्रजन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिहाज से विदेशी नागरिकों की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में नई प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस को सुरक्षा संबंधी सूचनाएं जुटाने और संभावित उल्लंघनों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।



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