बच्चे बोले- स्कूल नहीं जाएंगे, पहले जान बचानी है:पुलिस पहरे में जी रहा झाबुआ का 116 सदस्यीय आदिवासी कुनबा, जानिए क्या है कहानी
अब मेरा स्कूल भी छूट गया है। मुझे तो यह भी याद नहीं कि मैं किस क्लास में पढ़ती थी। स्कूल जाने से ज्यादा जरूरी हमारा जिंदा रहना है। अगर मैं स्कूल गई, तो वे लोग मुझे मार डालेंगे। यह कहते हुए 16 वर्षीय रीना रो पड़ती है। झाबुआ जिले के दोतड़ के सालेड़ा फलिया…
