यादों से सुकून लें, पर बदलाव भी अपनाएं- एक्सपर्ट:बीते कल की चाहत में आज न खोने दें; यादों से ऊर्जा लेकर आगे बढ़ें
‘हमारे जमाने में ऐसा नहीं होता था ’ या ‘पुराने दिन भी क्या दिन थे!’ ये जुमले आपने बुजुर्गों से या शायद खुद अपने मुंह से कई बार सुने होंगे। वर्तमान से असंतोष और बीते वक्त को सुनहरे दौर के रूप में देखना इंसानी स्वभाव की आदत रही है। सदियों पहले यूनानी कवि होमर के…
