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- Bengal Girl Murder Accused Killed In Encounter; Police Claim Rifle Snatch Attempt
कोलकाता3 मिनट पहले
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4 जुलाई को घटना के दिन CCTV फुटेज में एक आरोपी लड़की को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया था।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था।
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें प्रभास को गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बारुईपुर में 12 साल की लड़की 4 जुलाई को लापता हो गई थी। 5 जुलाई को उसका शव एक तालाब से मिला। पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने रेप-मर्डर के आरोप में प्रभास सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दूसरा आरोपी आनंद सरदार है।

पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपी प्रभास मंडल।
आरोपियों ने बच्ची को जिंदा तालाब में फेंका था
पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच भी की, जिसमें चार लोग लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम में लड़की के सिर और प्राइवेट पार्ट्स पर चोट के निशान मिले।
लड़की के सिर पर या तो किसी भारी चीज से वार किया गया था या उसे किसी सख्त सतह पर पटका गया था। शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर खरोंच और काटने के निशान थे। उसके फेफड़ो और पेट में पानी मिला। आरोपियों ने उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया था। डूबने और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।
भीड़ ने एक संदिग्ध को पीट-पीटकर मार डाला था
5 जुलाई को तालाब से लड़की का शव मिलने के तुरंत बाद भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसपर बच्ची के रेप और मर्डर में शामिल होने का शक था। मृतक की पहचान इंद्रजीत तांती के रूप में हुई थी।
रेप-मर्डर केस से जुड़ी 2 तस्वीरें….

5 जुलाई को नाबालिग का शव तालाब से बरामद किया गया था।

जैसे ही लाश मिली, वहां मौजूद लोगों ने एक संदिग्ध की पिटाई शुरू कर दी थी। यही शख्स आरोपी प्रभास मंडल था।
CM बोले- भीड़ के हाथों मारा गया युवक निर्दोष था, 5 बातें
- बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 7 जुलाई को बारुईपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- हमारी कोशिश है कि बंगाल में कहीं भी ऐसी घटना न हो। हमने पुलिस कमिश्नर (CP) और एसपी से बात की है। सरकार और पुलिस हर जरूरी कदम उठा रही है।
- मुख्यमंत्री ने कहा- मैंने DGP से 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से अगर 1% भी लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के बाद भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारा गया इंद्रजीत मंडल निर्दोष था। उन्होंने बताया कि यह जानकारी पुलिस ने उन्हें दी है। उन्होंने इंद्रजीत के परिवार से भी मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि उन्हें भी न्याय मिलेगा।
- घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति, पुलिस वाहनों और रेलवे ट्रैक में तोड़फोड़ करने के आरोप में करीब 200 लोगों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
- उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा भड़काने में कुछ राजनीतिक दलों, कट्टरपंथी और राष्ट्रविरोधी ताकतों की भूमिका रही है। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं और कार्रवाई की जाएगी।
ममता का पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देने का आरोप

बच्ची से रेप-मर्डर मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी समेत पार्टी नेताओं ने घटना के विरोध में 6 जुलाई को कैंडल मार्च निकाला।
पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। TMC के अनुसार, ममता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
NCW ने एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 जुलाई को बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से एक हफ्ते के अंदर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने एक बयान में कहा कि ATR में न केवल इस भयानक अपराध की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इसके बाद हुई भीड़ की हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र होना चाहिए, जिसमें अपराध में शामिल होने के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, केंद्रीय बलों के जवानों पर हमला किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

भास्कर नॉलेज…
- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक भारत में हर साल POCSO के लगभग 70,000 केस दर्ज होते हैं। हर महीने इनकी संख्या लगभग 5,766 होती है। जबकि हर दिन लगभग 190 केस दर्ज होते हैं।
- अकेले 2024 में 69,191 POCSO मामले दर्ज हुए। इनमें 70,132 बच्चे पीड़ित थे। बच्चों के खिलाफ दर्ज कुल 1.87 लाख अपराधों में से लगभग 37% मामले POCSO के थे।
- ये केवल दर्ज मामले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक कलंक, डर और रिपोर्ट न होने के कारण वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
- NCRB के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, POCSO के गंभीर अपराधों (विशेषकर यौन उत्पीड़न से जुड़े प्रावधानों) में लगभग 97% मामलों में आरोपी बच्चा या उसके परिवार का परिचित जैसे रिश्तेदार, पड़ोसी, दोस्त या परिचित था।

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दिल्ली में बच्ची से रेप-हत्या, आरोपी को गोली मारी:पुलिस का दावा- भागने की कोशिश कर रहा था; अस्पताल में भर्ती

बारुईपुर जैसा ही एक मामला 22 जून को नई दिल्ली में सामने आया था। जहां 11 साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पैर में गोली मारी।
पीड़ित बच्ची गुब्बारा बेचती थी। वह फुटपाथ पर सो रही थी। आरोप है कि टैक्सी ड्राइवर बबलू ने उसे अगवा किया। उसका रेप किया और हत्या कर लाश महरौली के जंगल में फेंक दी। पढ़ें पूरी खबर…

