बिलासपुर48 मिनट पहले
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान पथराव और हिंसा के मामले में फरार आरोपी और आदतन बदमाश सोहेल खान ने मंगलवार शाम सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सोहेल खान ने आरोप लगाया कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। उसका कहना है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद ही नहीं था। यह भी दावा किया कि इससे पहले भी उसे आत्महत्या के एक मामले में फंसाया गया था।
घटना के दौरान हुए पथराव में TI समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धारा 144 लागू है। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सोहेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। इस दौरान उसके परिजनों को थाने में बैठाकर पूछताछ भी की गई। इसके बाद सोहेल सरेंडर करने पहुंचा। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
सरेंडर और हिंसा की तस्वीरें…

सोहेल खान ने मंगलवार शाम सरेंडर कर दिया।

विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके।

पत्थरबाजी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।

पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
आरोपी बोला- केस में फंसाया जा रहा
सोहेल खान ने सरेंडर करने से पहले मीडिया से बात की। उसने कहा कि वह इस कांड में शामिल नहीं था। मोहल्ले के कुछ युवकों के विरोध करने की जानकारी मिलने पर वह घर से बाहर निकल रहा था, लेकिन परिजनों ने उसे जबरदस्ती घर पर रोक लिया। सोहेल ने आरोप लगाया कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, सोहेल को हिरासत में लेने के बाद एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे घटना में शामिल फरार आरोपियों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।

सोहेल ने आरोप लगाया कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है।
दूसरे पक्ष के आरोपियों को पकड़ने का आरोप
इस मामले में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस एक पक्ष के लोगों पर ही कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जा रहा है।
मंगलवार को भी पुलिस ने मामले से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए सिटी कोतवाली बुलाया था। उनसे घटना के दौरान मौजूद लोगों, विवाद और पथराव को लेकर जानकारी जुटाई गई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बिलासपुर के अलावा मुंगेली, जांजगीर-चांपा और चार बटालियनों से जवान बुलाए गए थे।
जानिए क्या है पूरा विवाद और क्यों हुआ पथराव
दरअसल, खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव होने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
एक पक्ष के मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह की तलाश
पुलिस घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में एक पक्ष का मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश के साथ ही अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
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बिलासपुर में दो पक्षों के विवाद में मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार की रात 2 पक्षों में हुआ विवाद सामुदायिक हिंसा में बदल गया। पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। भीड़ को काबू करने पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी। पढ़ें पूरी खबर…

