खुशी के लिए भावनाएं ‘खरीद’ रहे चीन के युवा:पैसे देकर साझा कर रहे दिल की बातें, तारीफ-डांट सुनने पर भी खर्च; मानसिक शांति प्राथमिकता
चीन के युवा आजकल गाड़ियां, मकान या महंगे गैजेट्स नहीं, बल्कि ‘भावनाएं’ और ‘सुकून’ खरीद रहे हैं। भविष्य की चिंता, सैलरी न बढ़ना और बेरोजगारी के तनाव से घिरे ये युवा अपना पैसा ऐसी चीजों और अनुभवों पर खर्च कर रहे हैं जो उन्हें पलभर की खुशी व ‘इमोशनल वैल्यू’ दे सकें। युवा अब पहाड़…
