रायपुर15 मिनट पहले
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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की सब इंस्पेक्टर (SI), सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को रायपुर जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन किया गया। परीक्षा के दौरान उड़नदस्ता टीम ने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया। रायपुर जिले में 8,597 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 7,571 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह जिले में 88.07 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
अभ्यर्थियों ने कहा- जनरल नॉलेज ने बढ़ाई मुश्किल
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार जनरल नॉलेज (GS) का भाग सबसे कठिन रहा। कई सवाल नए पैटर्न के थे, जिनका जवाब देने में समय लगा। वहीं हिंदी और अंग्रेजी का भाषा भाग सामान्य स्तर का रहा। रीजनिंग और गणित के सवाल भी आसान से मध्यम स्तर के बताए गए।


चर्चा में रहे ये सवाल
परीक्षा के बाद कई सवाल अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय बने। इनमें आईसीसी के अनुसार क्रिकेट पिच की लंबाई, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जनउला “छे महीना के राधे भात, जब खाबे तब ताते तात” का अर्थ।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन कागार का दूसरा नाम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर से जुड़े तथ्य और नक्सलवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार के ‘SAMADHAN’ सिद्धांत से संबंधित प्रश्न शामिल रहे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार सामान्य अध्ययन में तथ्य आधारित होने के साथ-साथ अवधारणात्मक और समसामयिक विषयों से भी सवाल पूछे गए, जिससे यह सेक्शन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा। देखिए सवाल:





एक्सपर्ट बोले- पिछले एग्जाम के मुकाबले पेपर ज्यादा कठिन
व्यापम और पीएसी एक्सपर्ट दीपांशु झा ने बताया इस बार का प्रश्नपत्र CGPSC की पिछली भर्ती परीक्षाओं की तुलना में अधिक कठिन रहा। पेपर में कई नए प्रकार के सवाल पूछे गए, जिससे अभ्यर्थियों को सामान्य से अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा 35 प्रश्न सामान्य अध्ययन (GS) से पूछे गए। इनमें भूगोल, अर्थव्यवस्था, लॉजिक और करेंट अफेयर्स से जुड़े सवाल शामिल रहे।
केंद्रीय योजनाओं से प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति अभियान और न्याय महाअभियान पर आधारित प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा दर्शनशास्त्र, पर्यावरण, केंद्रीय बजट, नक्सलवाद, औद्योगिक विकास, डोंगरगढ़, खनन और हाल की घटनाओं से जुड़े सवाल भी परीक्षा का हिस्सा रहे।
शुरुआती परीक्षा का स्तर आसान होना चाहिए था
विशेषज्ञों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया कुल पांच चरणों में पूरी होगी। पहले दस्तावेज सत्यापन हुआ। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई। अब मुख्य परीक्षा, फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल), इंटरव्यू और अंत में चयन होगा।

विषयवार पूछे गए प्रश्न
- सामान्य अध्ययन – 35 प्रश्न
- कंप्यूटर – 5 प्रश्न
- गणित – 10 प्रश्न
- रीजनिंग – 10 प्रश्न
- हिंदी – 10 प्रश्न
- अंग्रेजी – 5 प्रश्न
संभावित कटऑफ (एक्सपर्ट्स के अनुसार)
- सामान्य वर्ग – 135+
- ओबीसी – 130+
- एससी – 125+
- एसटी – 120+
विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर कठिन होने और नए पैटर्न के प्रश्न पूछे जाने के कारण इस बार कटऑफ पिछले भर्ती परीक्षा की तुलना में कम रह सकती है। हालांकि अंतिम कटऑफ का फैसला परिणाम जारी होने के बाद ही होगा।

