दिल्ली की उमस भरी रात, वक्त करीब 3 बजे। जंतर-मंतर के आसपास पुलिस के 30 से 35 जवान जुट गए। साढ़े तीन घंटे इंतजार किया। फिर तेजी से उस जगह पहुंचे, जहां बीते 21 दिन से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे। टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहने पुलिसवालों ने सोनम को उठ
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18 जुलाई की सुबह हुए इस एक्शन की तैयारी रातभर चली। जंतर-मंतर पर कार्रवाई से करीब 16 घंटे पहले ही गृह मंत्रालय ने 1994 बैच के IPS अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर बनाया था। सोर्स बताते हैं कि पद संभालते ही उन्होंने रात में मीटिंग की और सुबह सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटा दिया गया।

सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। सिविल ड्रेस में आए पुलिसवालों ने उन्हें हटा दिया।
ये सब कैसे हुआ
सोशल मीडिया से पॉपुलर हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने पहली बार 6 जून से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया था। अमेरिका से आए पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके सीधे धरना देने पहुंचे। धरना चलता रहा, लेकिन लोगों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। सोनम वांगचुक ने धरने में जान भरनी शुरू की।
सोनम 28 जून को भूख हड़ताल पर बैठ गए। कुछ भीड़ बढ़ी। सेलिब्रिटी साथ आने लगे। सोशल मीडिया पर हाई प्रोफाइल पोस्ट और ट्वीट हुए। आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी से डिंपल यादव और कांग्रेस से पवन खेड़ा के अलावा एक्टर नसीरुद्दीन शाह और कुणाल कामरा जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी पहुंचे।

मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव 16 जुलाई को सोनम वांगचुक का समर्थन करने पहुंची थीं। सपा के अलावा आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं।
केंद्र सरकार के एक मंत्री बताते हैं, ‘इसके बाद ही पहली बार सरकार में प्रोटेस्ट की चर्चा हुई। कहा गया कि नजर रखें। 16 जुलाई को हाईकोर्ट ने आदेश दे दिया कि वांगचुक की सेहत का ध्यान रखा जाए। मैं साफ कहता हूं आदेश कोर्ट का था।’
इसी दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर रहे अनुराग कुमार दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बनाए गए। पुलिस के सोर्स बताते हैं कि गृह मंत्रालय ने उन्हें आंदोलन पर नजर रखने के लिए कहा था।
उन्होंने आते ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट से आंदोलन की डिटेल ली। शाम को अफसरों के साथ मीटिंग की। इसमें सोनम वांगचुक को हटाने के बारे में कोई बात नहीं हुई। रात में तय हुआ कि उन्हें हटाना है। कुछ देर बाद ही हटाने का आदेश भी दे दिया गया।

वांगचुक को हटाने की बड़ी वजह कॉकरोच जनता पार्टी का 20 जुलाई को होने वाला संसद मार्च भी है। 20 जुलाई से ही मानसून सत्र शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस की दलील है कि इस दिन जंतर-मंतर के आसपास हाई प्रोफाइल मूवमेंट होगा, इसलिए मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी।
कॉकरोच जनता पार्टी की संसद चलो मार्च की तैयारी
- पार्टी का फोकस संसद चलो मार्च को कामयाब बनाने पर है। भीड़ जुटाने के लिए जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
- अभिजीत दीपके के नेतृत्व में कोर कमेटी बनाई गई है। सारे फैसले यही कमिटी ले रही है।
- 19 जुलाई की शाम मार्च का एजेंडा फाइनल होगा। पार्ट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वे सोनम के संपर्क में हैं। वे मार्च का हिस्सा बनना चाहते हैं।
- अगर सोनम खुद रैली में नहीं आ पाते हैं, तो कोशिश हो रही है कि उनके जरिए लोगों के शामिल होने की अपील करवाई जाए।
दिल्ली पुलिस बोली- अब तक परमिशन नहीं मांगी, देंगे भी नहीं
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया-
अब तक मार्च की परमिशन नहीं मांगी गई है। अगर CJP प्रदर्शन करती है तो हम लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए तैयार हैं।

वहीं, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर CJP मार्च के लिए परमिशन मांगती भी है, तो मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस इजाजत नहीं देगी।
संसद मार्च में शामिल होने पर प्रदर्शन में पहुंचे लोग क्या बोले
59 साल के रविंद्र चतुर्वेदी प्रोटेस्ट में शामिल होने ग्वालियर से दिल्ली आए हैं। वे संसद मार्च के लिए अपने जानने वालों को तैयार कर रहे हैं। रविंद्र कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट जब तक चल रहा है, मैं भी तब तक डटा रहूंगा। संसद मार्च में भी शामिल होऊंगा। सरकार रोजगार और शिक्षा के मोर्चे पर फेल रही है और लोगों के बीच नफरत बढ़ा रही है।’
नोएडा की रहने वाली तान्या शर्मा पहली बार जंतर-मंतर आई हैं। वे सोनम वांगचुक के बारे में सुनकर पहुंची थीं। उनका मानना है कि सरकार को उत्तरदायी बनाने की जरूरत है और सोनम इसी की लड़ाई लड़ रहे थे। अब हमारी बारी है कि हम सड़कों पर उतरें। ये लेफ्ट बनाम राइट की बात नहीं है।

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा हैं। सोनम वांगचुक के बाद उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
CJP का दावा: वांगचुक को उठाए जाने से प्रदर्शन 10 गुना बड़ा होगा’ CJP प्रवक्ता आशुतोष कहते हैं, ‘सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाए जाने की वजह से प्रदर्शन 10 गुना बड़ा हो गया है। देश में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। संसद मार्च के लिए पूरे देश से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। सोनम को उठाना तानाशाही सरकार की अब तक की सबसे बड़ी गलती है। दिल्ली पुलिस खुद गुंडों की तरह सोनम को उठाकर ले गई।’
‘अभिजीत दीपके का सुबह फ्रेश होने का रुटीन फिक्स था। वे रोज आधे घंटे के लिए जाते हैं। पुलिस ने इसी वक्त का फायदा उठाया। अभिजीत के साथ भी मारपीट और धक्का मुक्की की गई। अब हमें सोनम वांगुचक से मिलने नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ उनकी पत्नी अंदर उनके साथ है।’
‘सोनम ने बताया है कि उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी, उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश न की जाए। उन्होेंने हमें भरोसा दिलाया है कि जैसे ही पुलिस छोड़ेगी, वे तुरंत जंतर-मंतर पर वापस आएंगे।’
वहीं विजेता दहिया कहते हैं, ‘पुलिस की छवि काफी खराब है। उन्होंने गुंडों की तरह व्यवहार किया है। सरकार प्रदर्शन को तितर-बितर करने की कोशिश कर रही है, इसलिए अलग-अलग हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। अभिजीत दीपके पर सोनम को हॉस्पिटल ले जाने के बाद स्याही फेंकी गई। सरकार चाहे कुछ कर ले, प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।’

सोनम वांगचुक को हॉस्पिटल भेजे जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके मंच से नीचे आकर बैठे तो एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी।
‘संसद मार्च के बाद भी प्रदर्शन जारी रहेगा। इसकी दशा और दिशा हम बैठक करके तय करेंगे। CJP में सभी वॉलंटियर देख रहे हैं और हम व्यवस्थित रूप से काम कर रहे हैं। एक कोऑर्डिनेटर वॉलंटियर का मैनेजमेंट देख रहा है। प्रोटेस्ट में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग सभी वॉलंटियर के तौर पर जुड़ना चाह रहे हैं। सोनम वांगचुक पर पुलिस एक्शन के बाद जुड़ने की चाहत रखने वाले लोगों की तादाद बढ़ी है।’
CJP से जुड़ीं रत्ना सिंह कहती हैं, ‘हमारी सोनम वांगचुक से बात हुई है। वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और वापस प्रोटेस्ट में शामिल होना चाहते हैं। 20 तारीख के लिए हम आपस में बैठक करने वाले हैं। उसमें सबकी सलाह लेकर फैसला लिया जाएगा और विस्तार से योजना बनाएंगे। हम दिल्ली पुलिस से निवेदन करते हैं कि वो 20 जुलाई के मार्च में हमें सुरक्षा दें, न कि आज की तरह गुंडागर्दी करें।’
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन ने बुलेटिन जारी करके बताया कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन हुआ है, लेकिन उन्होंने दवा या ड्रिप लगवाने से इनकार कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
