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जयपुर के सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आनंद मोहन और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 48 सेंटीमीटर (सेमी) आकार के सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर (कैंसर) को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया है।
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इसे राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े ‘रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा’ (कैंसर) ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को पूरी तरह से निकाल दिया गया, जो इस तरह के कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है।
जांच में सामने आया किडनी के पीछे छिपा विशाल ट्यूमर डॉ. आनंद मोहन ने बताया कि मरीज पिछले दो महीनों से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ और दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। जब मरीज की गहन जांच की गई, तो पता चला कि उसकी किडनी के पीछे 48 सेमी का एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर ने पेट के भीतर कई महत्वपूर्ण अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भारी दबाव बना रखा था। राहत की बात यह थी कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था।
8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा
डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लगभग आठ घंटे तक चला। ट्यूमर को सुरक्षित और एक साथ (En-bloc) बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को मरीज की दाईं किडनी और बड़ी आंत के एक हिस्से को भी हटाना पड़ा। इसके बाद आंत को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ पेट की अन्य आंतरिक संरचनाओं का बहुत ही सावधानीपूर्वक पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया गया।
सर्जरी के दौरान थीं कई बड़ी चुनौतियां
डॉ. आनंद मोहन के अनुसार, ट्यूमर के विशाल आकार के कारण यह सर्जरी करना तलवार की धार पर चलने जैसा था। ट्यूमर ने शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं को इस कदर दबा रखा था कि पेट के अंदरूनी अंगों की सामान्य बनावट ही बदल गई थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी नस या अंग को मामूली सी क्षति पहुंचने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन मेडिकल टीम ने सटीक योजना, उन्नत तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग के बल पर इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
ऑपरेशन के 8वें दिन मरीज को मिली अस्पताल से छुट्टी सफल सर्जरी के बाद मरीज को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई सतत देखभाल से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के आठवें दिन मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य जीवन जी रहा है और अपने इस नए जीवन के लिए डॉक्टरों का आभार जता रहा है।
क्या है रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा?
यह एक प्रकार का अत्यंत दुर्लभ ‘सॉफ्ट टिश्यू कैंसर’ (Soft Tissue Cancer) है, जो पेट के पिछले हिस्से (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में विकसित होता है। चूंकि यह पेट के गहरे हिस्से में होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे बढ़कर अन्य अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपनी चपेट में ले लेता है। इसके सफल उपचार के लिए बेहद उच्च स्तरीय और जटिल सर्जरी की आवश्यकता होती है।
