डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद, जिन्होंने खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर सुसाइड कर लिया (फाइल फोटो)
लुधियाना के रहने वाले डॉक्टर ने दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अरूणा आसफ अली अस्पताल में सुसाइड कर दिया। वे यहां 3 साल से एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने ड्यूटी रूम में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर अपनी जान
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जिसमें उन्होंने अपनी मौत का कारण प्रेमिका से शादी न होना लिखा है। सुसाइड नोट में लिखा- जिससे मैं प्यार करता हूं, उससे मेरे माता पिता मेरी शादी नहीं करने देंगे, क्योंकि हमारी जाति मैच नहीं करती है। मेरा सारा सामान मेरी प्रेमिका को दिया जाए। उन्होंने उसमें बाकायदा अपनी प्रेमिका डॉक्टर का नाम भी खिला है।
मृतक की पहचान सिमरप्रीत सिंह आनंद (35) के नाम से हुई, जो बीआरएस नगर के रहने वाले थे। उनके परिवार में पिता हरप्रीत सिंह आनंद, मां और बड़ा भाई है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसकी शिकायत दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में दी। आज मेडिकल बोर्ड के जरिए उनके शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
नाइट ड्यूटी थे, खुद लगवाया कैनुला उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया के अनुसार, डॉ. सिमरप्रीत 4-5 जुलाई की रात 8 बजे से नाइट ड्यूटी पर थे। शनिवार शाम जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने काफी थके हुए होने और तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने खुद रात 10 बजे अपने टेक्निकल असिस्टेंट को कहकर अपने बाएं हाथ में कैनुला लगवाया था, यह कहकर कि उन्हें कुछ दवाएं लेनी हैं।
दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला डॉ. सिमरप्रीत ने MBBS के बाद एनेस्थीसिया में एमडी किया था और उन्हें अच्छी तरह पता था कि इस दवा की कितनी डोज जानलेवा हो सकती है। सुबह करीब 9 बजे तक जब ड्यूटी रूम (नंबर-109) का दरवाजा अंदर से नहीं खुला, तो उसे तोड़ा गया।
अंदर डॉ. सिमरप्रीत बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला क्राइम टीम और FSL रोहिणी को कमरे से इस्तेमाल की हुई सिरिंज और दवाओं की खाली शीशियां मिली हैं।
जानिए सुसाइड नोट में क्या लिखा..
- 2 साल से काम कर रही डॉक्टर के साथ प्रेम प्रसंग: कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक काले रंग का बैग मिला, जिसमें से एक डायरी और 3 पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस सुसाइड नोट ने आत्महत्या के पीछे की पूरी कहानी खोल दी। डॉ. सिमरप्रीत ने लिखा- उनका इसी अस्पताल में पिछले 2 साल से काम कर रही डॉक्टर के साथ प्रेम प्रसंग था, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं।
- जाति अलग होने पर परिजन शादी को राजी नहीं: सुसाइड नोट के मुताबिक, दोनों की जाति अलग-अलग होने के कारण उनके परिवार वाले इस शादी के लिए राजी नहीं थे। इसी मानसिक तनाव और प्यार के अधूरे रह जाने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि अपनी आत्महत्या के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं।
- मेरा सामान मेरी प्रेमिका को सौंपना: डॉ. सिमरप्रीत ने सुसाइड नोट में एक भावुक आखिरी ख्वाहिश भी लिखी है। उन्होंने विस्तार से पूरी कहानी बताते हुए लिखा है कि उनकी मौत के बाद उनका सारा सामान उनकी डॉक्टर प्रेमिका के हवाले कर दिया जाए।
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