5 मिनट पहले
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दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर फोन स्टिकिंग के मामलों पर डीएमआरसी ने सख्त एडवाइजरी जारी की है।
गुरुग्राम को समयपुर बादली से जोड़ने वाली दिल्ली मेट्रो की यलो लाइन के स्टेशनों पर हाल ही में कुछ इंफ्लुएंसर द्वारा मेट्रो के शीशों पर मोबाइल चिपकाकर वीडियो शूट करने के मामलों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर एक नया रील्स चैलेंज ट्रेंड कर रहा है। इसमें इन्फ्लुएंसर ट्रेन के रुकने पर उसके बाहरी या अंदरूनी शीशे पर सक्शन कप या टेप की मदद से अपना महंगा स्मार्टफोन चिपका देते हैं। जैसे ही मेट्रो स्टेशन से रवाना होती है, फोन वहीं चिपका रहता है और प्लेटफॉर्म तथा सुरंग का एक घूमता हुआ सिनेमाई शॉट रिकॉर्ड होता है।
इस दौरान क्रिएटर प्लेटफॉर्म पर दौड़ते हुए या डांस करते हुए रील को फिल्माते हैं। यलो लाइन के कुछ स्टेशनों पर इस तरह के मामले अधिक सामने आए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा
डीएमआरसी ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड के वायरल होने के बाद आम यात्रियों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस प्रकार से न सिर्फ रील बनाने वाले की जान को खतरा है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी गंभीर चोट लग सकती है। यदि चलती हुई ट्रेन के झटके से फोन गिर जाता है, तो ट्रैक के पास खड़े किसी व्यक्ति या मेट्रो के परिचालन उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, कई मामलों में यात्रियों के कीमती फोन क्षतिग्रस्त होने या हमेशा के लिए खो जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
मेट्रो सफर के लिए है, रील के लिए नहीं
मेट्रो प्रशासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी कर साफ शब्दों में कहा कि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के संज्ञान में आया है कि कुछ कंटेंट क्रिएटर्स चलती ट्रेन की खिड़कियों पर मोबाइल चिपकाकर वीडियो बना रहे हैं। यह हरकत यात्रियों के लिए असुविधा और चोट का कारण बन सकती है। DMRC इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहा है। यदि कोई भी व्यक्ति मेट्रो परिसर या ट्रेन के भीतर ऐसा करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ मेट्रो अधिनियम के तहत आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही कंटेंट क्रिएटरों से अपील की है कि वे चंद सेकंड की प्रसिद्धि के लिए सार्वजनिक परिवहन को स्टंट जोन न बनाएं।
गुरुग्राम समेत सभी स्टेशनों पर सुरक्षा और निगरानी सख्त
अभी तक सामने आई सभी वीडियो गुरुग्राम-बादली कॉरिडोर के स्टेशनों पर शूट की गई थी, इसलिए यहां ज्यादा निगरानी रहेगी। इस लाइन पर रोजाना लाखों कॉर्पोरेट कर्मचारी सफर करते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों पर सीआईएसएफ और मेट्रो सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध रूप से फोन को ट्रेन पर चिपकाने की कोशिश करने वालों पर नजर रखी जाएगी। सहयात्री तुरंत सूचना दें
डीएमआरसी ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि वे सफर के दौरान किसी भी सह-यात्री को ऐसी खतरनाक गतिविधि या रील शूटिंग करते हुए देखें, तो तुरंत इसकी सूचना कोच में लगे इंटरकॉम के जरिए ट्रेन ऑपरेटर या अगले स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को दें, ताकि मौके पर ही कार्रवाई की जा सके।

