Headlines

E-20 पेट्रोल नीति पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा:बोले-30 करोड़ वाहनों को कबाड़ बनाने की जिद, दबाव में मारुति-टोयोटा ने बोला झूठ




आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ‘E-20 पेट्रोल’ नीति को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है। केजरीवाल ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती E-20 पेट्रोल थोप रही है। जनता के भारी विरोध के बावजूद सरकार अपनी जिद पर अड़ी है और लगातार झूठ के पुलंदे बांध रही है। अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों (Maruti Suzuki, Toyota, Hero MotoCorp) के ‘ओनर मैनुअल’ (गाड़ी के साथ मिलने वाली टर्म्स एंड कंडीशंस की किताब) को मीडिया के सामने लहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने 6 बड़ी कंपनियों को बुलाकर दबाव बनाया कि वे कहें कि पुरानी गाड़ियों में भी E-20 पेट्रोल से कोई नुकसान नहीं होगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा- “इन कंपनियों ने सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकर देश की जनता से सफेद झूठ बोला। मारुति और टोयोटा जैसी कंपनियों के ओनर मैनुअल में साफ लिखा है कि उनकी गाड़ियों में 10 प्रतिशत से ज्यादा इथेनॉल (E-10) का इस्तेमाल न किया जाए। मैनुअल कहता है कि अगर गाड़ी चलाने में कोई भी दिक्कत आए, तो बिना इथेनॉल वाले पेट्रोल पर वापस आ जाएं। फिर ये कंपनियां टीवी पर आकर कैसे कह रही हैं कि E-10 गाड़ियों में E-20 डालने से कोई नुकसान नहीं होगा?” खतरे में देश के 30 करोड़ वाहन! केजरीवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में 2023 से पहले बनी गाड़ियां (E10 compliant) इथेनॉल-फ्री या अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल के लिए बनी हैं। 22 करोड़ बाइक देश में ऐसी हैं जो E-20 के लायक नहीं हैं। वहीं 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जिनमें E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब हो सकता है। केजरीवाल ने चेताया, “सरकार की इस जिद की वजह से देश के 30 करोड़ वाहनों का कबाड़ा होने का रिस्क पैदा हो गया है। लोगों की गाड़ियों का माइलेज 30 प्रतिशत तक गिर रहा है और इंजन का फ्यूल सिस्टम खराब हो रहा है।” दुनिया के देशों का दिया उदाहरण: ‘भारत में 3 साल में थोपा, ब्राजील को लगे 50 साल’ केजरीवाल ने केंद्र के इस दावे को आधा सच बताया कि बाकी दुनिया में भी E20 चल रहा है। उन्होंने वैश्विक आंकड़े रखते हुए कहा: जापान: अभी E-3 पर है और E-10 के लिए 2030 तक का समय लिया है। E-20 का टारगेट उनका 2040 (16 साल बाद) का है। ब्राजील: यहां E-100 (पूर्ण इथेनॉल) गाड़ियों के ट्रांजिशन में 50 साल का वक्त लगा (1931 से 1985)। भारत: यहां 2023 में सिर्फ 1900 पंपों पर ट्रायल शुरू हुआ और महज 3 साल के अंदर 1 अप्रैल 2026 को देश के 90 हजार पेट्रोल पंपों पर इसे जबरन थोप दिया गया। पीएम मोदी और कंपनियों को लिखेंगे चिट्ठी: “मांगेंगे हर्जाना” केजरीवाल ने ऐलान किया कि वह कल ही मारुति, टोयोटा और हीरो जैसी कंपनियों को चिट्ठी लिखेंगे और उनसे लिखित में गारंटी मांगेंगे कि अगर E20 पेट्रोल से जनता की गाड़ी का इंजन खराब हुआ या माइलेज गिरा, तो क्या कंपनियां उसका हर्जाना देंगी? इसके साथ ही, अगले हफ्ते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे। केजरीवाल ने पीएम मोदी से अपील की, “जिद छोड़िए और जनता को पेट्रोल पंप पर ‘ऑप्शन’ (विकल्प) दीजिए। जिसे E0 (शुद्ध पेट्रोल) लेना हो वो वो ले, जिसे E10 या E20 लेना हो वो वो ले। जनता पर जबरदस्ती मत कीजिए।” राम मंदिर चंदा चोरी पर भी बरसे: “इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, चंदा चोरों को फांसी दो!” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की चीजें लापता होने और चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा, तो केजरीवाल बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा- “केवल इस्तीफे मंजूर होने से काम नहीं चलेगा। जनता बहुत आहत है, यह बहुत बड़े पैमाने पर हुई चोरी है। चोरी नहीं हुई होती तो ये इतनी आसानी से FIR नहीं करते। इन्होंने 8 छोटे लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन जनता की मांग है कि चंदा चोरी करने वाले बड़े मगरमच्छों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और फांसी चढ़ाया जाए।” केजरीवाल ने आगे कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों और धार्मिक संस्थानों पर अपवित्र ताकतों और संगठनों का कब्जा हो गया है। इन सभी धार्मिक स्थलों को इनके कब्जे से मुक्त कराकर देश के असली संतों, महात्माओं और धर्मात्माओं को सौंप देना चाहिए। वीएचपी (VHP) द्वारा विपक्षी नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग पर केजरीवाल ने तंज कसा, “वीएचपी को अपने वाइस प्रेसिडेंट की चंदा चोरी से आपत्ति नहीं है, उन्हें आपत्ति हमसे है क्योंकि हमने मुद्दा उठाया। वो चोरों को जेल भेजने के बजाय केजरीवाल को जेल भेजने की बात कर रहे हैं।”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *