ED रेड के खिलाफ पंजाब सरकार देर रात हाईकोर्ट पहुंची:निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त; मंत्री के भांजे पर छापे के बाद फैसला




ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। इसी बीच ED ने मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची। इसके बाद बुधवार देर रात पंजाब सरकार हाईकोर्ट चली गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार दोपहर 2 बजे तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी। ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं। तीन मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 126 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे। मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही। 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल हैं। ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें। 290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच अभी जारी है। ED की तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।



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