3 मिनट पहले
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कल (सोमवार, 14 सितंबर) गणेश चतुर्थी है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि पर गणेश जी प्रतिमाएं घर-घर में स्थापित की जाती हैं। पीओपी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना करने से बचना चाहिए, क्योंकि पीओपी से बनी मूर्तियां लंबे समय तक पानी में गलती नहीं हैं, यह प्रतिमाएं नदी-तालाब और पर्यावरण के लिए अच्छी नहीं होती हैं। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पानी में आसानी से गल जाती हैं, इसलिए ये प्रतिमाएं धर्म और पर्यावरण के लिहाज से सबसे अच्छी मानी जाती हैं।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, अगर धातु की मूर्ति स्थापित करनी है तो सोने, चांदी या पीतल से बनी मूर्ति घर में रख सकते हैं। आप चाहें तो लकड़ी से बनी प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति पूरे साल के लिए गणेश जी की मूर्ति अपने घर के मंदिर में स्थापित करना चाहता है, तो वह मिट्टी के अलावा श्वेतार्क, हल्दी, गोबर से बनी मूर्ति स्थापित कर सकता है। यह प्रतिमाएं सालभर घर के मंदिर में रखी जा सकती हैं। जानिए इन प्रतिमाओं की खास बातें…




