ग्वालियर2 मिनट पहले
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ग्वालियर में सूदखोरों से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले किसान के मामले में पुलिस ने 18 दिन बाद तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा का शव विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिला था।
जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें तिलक सिंह ने पांच लाख रुपए के लेन-देन का जिक्र करते हुए सूदखोरों पर घर में घुसकर मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया था।
सुसाइड नोट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बुधवार 29 जुलाई को पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ किसान को प्रताड़ित करने और आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन तीनों अपने-अपने घरों से फरार मिले।

किसान का शव रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में बंटा मिला था।
5 लाख उधार लिए, 3 लाख लौटा दिए परिजनों के मुताबिक, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा से 5 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से 3 लाख रुपए लौटा भी दिए थे, लेकिन बाकी 2 लाख रुपए और भारी ब्याज के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि उधार लेते समय 3 टका ब्याज तय हुआ था, लेकिन बाद में 20 टका ब्याज मांगा जाने लगा। जब तिलक सिंह इतना अधिक ब्याज नहीं चुका पाए तो सूदखोर उन्हें लगातार धमकाने लगे।
सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक सिंह ने लिखा है कि उन्होंने 5 लाख रुपए उधार लिए थे और 3 लाख रुपए वापस कर दिए थे। इसके बावजूद बचे हुए पैसों और ब्याज के लिए उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने लिखा कि आरोपियों की धमकियों से तंग आकर वह यह कदम उठा रहे हैं। अपनी मौत के लिए उन्होंने जितेंद्र शर्मा, उसके साले कल्ला शर्मा और गजेंद्र को जिम्मेदार बताया है।

किसान ने सुसाइड नोट में दो लोगों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।
घर से निकले थे, बाद में पता नहीं चला मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा (50) किसान थे। 18 दिन पहले वह घर से निकले थे, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। 10 जुलाई को उनका शव विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। ट्रेन की चपेट में आने से उनका शव दो हिस्सों में बंट गया था।
कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि तिलक सिंह तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन के सामने अचानक जाकर खड़े हो गए थे। इसके बाद ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने शव की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

घटना के बाद परिजन एसएसपी ऑफिस में पहुंचे थे और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
थाना प्रभारी बोले- आरोपियों की तलाश जारी विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि तिलक सिंह राणा ने सूदखोरों की धमकियों से परेशान होकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की थी। सुसाइड नोट भी जांच का अहम हिस्सा रहा। इसके आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है।
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