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हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने निजी वोल्वो बसों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के कथित दुरुपयोग का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया है। निगम का आरोप है कि कुछ निजी ऑपरेटर पर्यटक परमिट की आड़ में नियमित यात्री परिवहन कर रहे हैं, जिससे HRTC की आय प्रभावि
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HRTC के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया परमिट पर्यटक वाहनों के लिए है, लेकिन कुछ निजी बसें इसका इस्तेमाल नियमित यात्री सेवा के रूप में कर रही हैं। उनके अनुसार HRTC को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बस संचालन के लिए अलग-अलग टैक्स के रूप में करीब 8 लाख रुपए तक चुकाने पड़ते हैं, जबकि निजी ऑपरेटर करीब 3 लाख रुपए के ऑल इंडिया परमिट शुल्क में देशभर में बसें चला रहे हैं।
बड़ी मात्रा में सामान ले जाने की शिकायत
निगम को यह शिकायतें भी मिली हैं कि कुछ निजी वोल्वो बसों में यात्रियों के साथ बड़ी मात्रा में सामान ले जाया जा रहा है। वर्मा ने बसों की नियमित जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिलहाल केवल आशंका है, जिसकी पुष्टि जांच से ही होगी।
HRTC के अनुसार निजी बसें कम किराये के जरिए यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं। धर्मशाला-दिल्ली HRTC वोल्वो का किराया 1619 रुपए है। परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री यह मुद्दा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष भी उठा चुके हैं। अपेक्षित राहत नहीं मिलने के बाद निगम ने कानूनी रास्ता अपनाया है। HRTC ने निजी वोल्वो बसों की सख्त जांच और परमिट नियमों के पालन की मांग की है।
