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हिंदी के जाने-माने लेखक और पत्रकार अभिरंजन कुमार ने आरोप लगाया है कि JCERT ने उनकी एक चर्चित बाल कविता “बन गया खाना” को झारखंड राज्य में कक्षा पांच की हिंदी पाठ्य पुस्तक में उनसे बिना अनुमति लिए छाप दिया है।
झारखंड में स्कूली पाठयक्रम तैयार करने वाली संस्था झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) कॉपीराइट उल्लंघन का एक मामला सामने आया है।
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हिंदी के जाने-माने लेखक और पत्रकार अभिरंजन कुमार ने आरोप लगाया है कि JCERT ने उनकी एक चर्चित बाल कविता “बन गया खाना” को झारखंड राज्य में कक्षा पांच की हिंदी पाठ्य पुस्तक में पिछले लगभग एक दशकों से शामिल कर रखा है, लेकिन इसके लिए न तो उसने उनसे औपचारिक अनुमति ली, न ही उन्हें इसकी जानकारी दी, न ही इसके लिए उन्हें कोई रॉयल्टी दी। कविता के साथ उनका नाम तक नहीं छापा, जिससे उनके सम्मान और अधिकारों का गंभीर रूप से हनन हुआ है।
आपको बता दें कि JCERT द्वारा तैयार पाठ्य पुस्तकों को राज्य के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी विद्यालयों में पढ़ाया जाता है, लेकिन कक्षा पांच की हिंदी पाठ्य पुस्तक “भाषांजलि” में अभिरंजन कुमार की कविता “बन गया खाना” को शामिल करने के बावजूद उसने पूरी किताब में कहीं भी लेखक को क्रेडिट तक नहीं दिया है।
“बचपन की पचपन कविताएं” में संगृहित है कविता अभिरंजन कुमार ने बताया कि JCERT ने उनकी जिस कविता को छापा है, वह न केवल उनके चर्चित बाल कविता संग्रह “बचपन की पचपन कविताएं” में संगृहित है, बल्कि एक अन्य प्रतिष्ठित प्रकाशक द्वारा प्रकाशित पांचवीं कक्षा की ही हिंदी पाठ्य पुस्तक के माध्यम से देश के अनेक निजी विद्यालयों में भी पढ़ाई जाती है।
यह कविता “बच्चों के सर्वश्रेष्ठ गीत” नामक एक महत्वपूर्ण बाल गीत संग्रह में भी शामिल की गई है और 27 साल पहले एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार में भी प्रकाशित हो चुकी है।
अभिरंजन कुमार ने कहा कि इतने वर्षों में इतनी सारी जगहों पर उनके नाम से प्रकाशित हो चुकी कविता को JCERT द्वारा उन्हें बिना क्रेडिट दिए छापे जाने से वे इसलिए भी आहत, हतप्रभ और हैरान हैं, क्योंकि JCERT की पाठ्य पुस्तक निर्माण समिति में बड़े-बड़े आईएएस अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद हैं, जिन्हें लेखक के कॉपीराइट अधिकारों के बारे में जानकारी न हो, यह असंभव है।
यूट्यूब से मिली जानकारी अभिरंजन कुमार ने बताया कि राज्य के अनेक स्कूलों के शिक्षकों और बच्चों ने इस गीत पर परफॉर्म करके अपने-अपने वीडियो यूट्यूब पर प्रकाशित किए हैं, जिनपर इंटरनेट सर्फिंग के दौरान एक दिन उनकी नज़र पड़ गई, जिससे उन्हें अपने कॉपीराइट अधिकारों के एक दशक से भी ज्यादा समय से होते चले आ रहे हनन की जानकारी मिली।
अभिरंजन कुमार ने कहा कि यदि JCERT ने अविलंब भूल सुधार कर उनके सम्मान और अधिकारों के हनन के लिए क्षति पूर्ति नहीं की तो वो कानूनी कार्रवाई करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि कोई भी कदम उठाते समय अपनी तरफ से वह सुनिश्चित करेंगे कि झारखंड के प्यारे बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।
