हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थल कसौली को जोड़ने वाली कसौली-जंगेशु सड़क की खस्ताहाली से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भारी आक्रोश है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और पूरी तरह उखड़ चुकी बजरी हादसों को न्योता दे रही है। बारिश का पानी गड्ढों में भर
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स्थानीय निवासी हैरी ने बताया कि जब नेशनल हाईवे (NH-5) किसी कारणवश बंद होता है, तो कसौली-जंगेशु मार्ग ही सबसे महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बनता है। इसके अलावा, चंडीगढ़ से कसौली आने वाले पर्यटकों और राहगीरों के लिए यह सड़क एक प्रमुख शॉर्टकट है। वीकेंड पर कसौली पहुंचने वाले पर्यटकों की भारी आवाजाही के कारण इस मार्ग का सही हालत में होना बेहद जरूरी है।

बुरी तरह से बदहाल सड़क
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बना मौत का कुआं
सड़क के बड़े-बड़े गड्ढे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। गड्ढों से बचने के चक्कर में कई बार बाइक सवार असंतुलित होकर गिर चुके हैं। बारिश और क्षेत्र में पड़ने वाली धुंध के कारण ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा कई गुना बढ़ जाता है।
PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मौके के निरीक्षण की मांग
समस्या का समाधान न होने से नाराज स्थानीय निवासियों—हैरी, देवराज, मनविंदर, कैलाश, अमन और पुनीत ने हिमाचल के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह से सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि PWD मंत्री स्वयं इस मार्ग का दौर/निरीक्षण करें और लापरवाह अधिकारियों को त्वरित मरम्मत के सख्त निर्देश जारी करें।
एसडीओ बोले- APM के तहत बजट मिलते ही होगी सड़क की मेटलिंग
लोक निर्माण विभाग कसौली के एसडीओ विशाल भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में APM के तहत बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण कसौली-जंगेशु सड़क की मेटलिंग का कार्य अभी नहीं करवाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि जैसे ही APM के तहत बजट उपलब्ध होगा, सड़क की मेटलिंग करवा दी जाएगी। सड़क की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध होना जरूरी है और बजट मिलते ही विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर आवाज उठाने के बावजूद विभाग बेखबर ग्रामीणों का कहना है कि वे इस बदहाली का मुद्दा कई बार सोशल मीडिया और प्रशासनिक मंचों पर उठा चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग मूकदर्शक बना हुआ है स्थानीय लोगों का कहना है— “हम अधिकारियों के आगे गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं, अब झूठे आश्वासनों के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहिए। विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू कराए।
